साथियान गणानाशेखरन जापान टी-लीग से जुड़ने वाले पहले भारतीय पैडलर बने

जापान टी-लीग के साथ जुड़ने के पीछे साथियान गणानाशेखरन का मक़सद है जल्द से जल्द वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में शामिल होना

लेखक सैयद हुसैन ·

शनिवार को भारत के स्टार पैडलर साथियान गणानाशेखरन ने इस बात का ऐलान किया कि वह इस साल सितंबर में जापान टी-लीग के साथ जुड़ने जा रहे हैं। इसी के साथ वह पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी होंगे जो जापान के प्रीमियर टी-लीग में खेलते हुए नज़र आएंगे। वह 2020-2021 सत्र में जापान टी-लीग में ओकयामा रिवेट्स का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देंगे।

भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ साथ 27 वर्षीय साथियान ने बुंडेसलीगा में जर्मनी के क्लब ग्रुनवेटर्सबैश के साथ भी दो सालों के लिए जुड़े हुए थे।

एशिया के साथ साथियान का लगाव

बुंडेसलीगा को छोड़कर टी-लीग ज्वाइन करने के पीछे साथियान के कोच एस रमन की चाहत भी है। जो चाहते थे कि साथियान जर्मनी से एशिया की तरफ़ लौटें।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के साथ बातचीत में साथियान ने कहा, ‘’एशियाई देशों का वर्चस्व टेबल टेनिस में दुनिया जानती है, और मुझे तब से कई ऑफ़र आने लगे थे जब मैंने जापान के वंडर बॉय और वर्ल्ड नंबर-5 तोमोकाज़ू हरिमोटो को एशियन चैंपियनशिप में मात दी थी।‘’

जापान की टी-लीग की शुरुआत दो सालों पहले ही हुई है, लेकिन अब टेबल टेनिस जगत में ये लीग एक बेहद लोकप्रिय और प्रतिस्पर्धा से भरी हुई लीग हो चुकी है। धीरे धीरे ये लीग और भी बड़ी होती जा रही है, स्पोर्ट्सस्टार के साथ बातचीत में साथियान गणानाशेखरन ने कहा कि, ‘’मौजूदा समय में लीग में अभी चार क्लब हैं, लेकिन इसे बढ़ाए जाने की बातें चल रही हैं, मेरा क़रार इनके साथ 12 मैचों के लिए है।‘’

अब तक इस लीग में जापान के तोमोकाज़ू हरिमोटो, चीन के लिन यून जू और दक्षिण कोरिया के ली सांगसु शामिल हैं, जिनकी वर्ल्ड रैंकिंग क्रमश: पांच, छ: और 20 है।

अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित इस पैडलर ने आगे कहा, ‘’मैं मानता हूं कि टॉप पैडलर के ख़िलाफ़ खेलना हमेशा एक चुनौती होती है, लेकिन अगर आप उनके ख़िलाफ़ नहीं खेलते हैं तो फिर आपका खेल भी बेहतर नहीं होता है।‘’

टोक्यो 2020 और आगे

मौजूदा समय में दुनिया में 30वें नंबर के खिलाड़ी और भारत के सर्वोच्च रैंकिंग के पैडलर साथियान गणानाशेखरन को हमेशा से ही भारत का उज्जवल भविष्य माना जाता रहा है।

हालांकि हाल ही में उनके नाम कुछ नाकामियां भी गईं हैं, जिसमें भारत का टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई न करना निराशाजनक रहा है।

साथियान अपनी अच्छी रैंकिंग के पीछे की वजह जर्मन लीग में खेलना मानते हैं, साथ ही साथ उन्हें लगता है कि अब जापान टी-लीग में खेलने के बाद उनको करियर को और ऊंची ऊड़ान मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘’बुंडेसलीगा ज्वाइन करने के पीछे भी यही वजह थी, वर्ल्ड नंबर-70 से मैं 24 पर सिर्फ़ दो सालों में आ गया था। और टी-लीग के साथ क़रार करने का भी मेरा एकमात्र मक़सद यही है कि मैं अगले कुछ सालों में टॉप-10 में शामिल होते हुए 2024 ओलंपिक में शिरकत करूं।‘’

साथियान गणानाशेखरन का जर्मन क्लब ग्रुनवेटर्सबैश के साथ क़रार इस साल जून में ख़त्म हो जाएगा और फिर वह सितंबर में ओकयामा रिवेट्स के साथ जुड़ जाएंगे, ठीक अपने घर में होने वाले अल्टिमेट टेबल टेनिस लीग के बाद।