जी साथियान को मार्च तक पहला नेशनल जीतने और ओलंपिक क्वालिफिकेशन हासिल करने की है उम्मीद

शीर्ष भारतीय पुरुष टेबल टेनिस खिलाड़ी साथियान गणानाशेखरन को फरवरी में होने वाले सीनियर नेशनल के बाद ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए बेक़रार हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) ने फरवरी में होने वाले नेशनल को पहली बार जीतने का लक्ष्य रखा है और साथ ही वो मार्च तक टोक्यों ओलंपिक के लिए अपनी टिकट हासिल करना चाहते हैं।

भारत के प्रमुख पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी साथियान गणानाशेखरन के अंतरराष्ट्रीय करियर में दो अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) प्रो टूर खिताब हैं। वो विश्व रैंकिंग में शीर्ष 25 में पहुंचने वाले पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी भी हैं।

हालांकि वो अभी तक नेशनल में सफलता हासिल नहीं कर सकें हैं। भारतीय पैडलर्स के सामने उन्हें फाइनल में और सेमीफाइनल में कई बार हार का सामना करना पड़ा है।

साथियान ने द हिंदू से कहा, “नेशनल काफी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है और ये निश्चित रूप से ये उस सूची में है जिसे मुझे अभी हासिल करना है। मुझे अपनी पूरी कोशिश करनी होगी। ये एक विशेष साल है क्योंकि कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण इस बार सिर्फ सिंगल्स मुक़ाबले होने हैं और हमें टेबल से कम अवसर मिलेंगे।”

“ये मानसिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।” टेबल टेनिस खिलाड़ी ने कहा, हमें जल्दी ही परिस्थितियों में ढलना होगा।

हरियाणा के पंचकुला में 14 से 23 फरवरी तक आयोजित होने वाले नेशनल में साथियान का प्रदर्शन इस महीने जुलाई में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए उन्हें उत्साहित करेगा।

28 वर्षीय ये खिलाड़ी चार टूर्नामेंट खेलने के लिए नेशनल के तुरंत बाद दोहा के लिए रवाना होगा। साथियान WTT कंटेंडर (3 से 6 मार्च), WTT स्टार कंटेंडर (8 से 13 मार्च), विश्व सिंगल्स क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट (14 से 17 मार्च) और एशियाई ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स (18 से 20 मार्च) जैसे टूर्नामेंटों में खेलेंगे।

अंतिम दो टूर्नामेंट के माध्यम से साथियान के पास टोक्यो ओलंपिक के लिए जगह हासिल करने का मौका होगा।

“ये काफी थका देने वाला होगा लेकिन मैं तैयार हूँ। मुझे उम्मीद है कि मैं नेशनल जीतने के साथ अपने दोनों लक्ष्यों को पूरा कर सकता हूं और ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की कर सकता हूं।”

साथियान के कोच सुब्रमण्यम रमन (Subramaniam Raman) का भी मानना ​​है कि ये साल उनके स्टार शिष्य के लिए अपने नेशनल खिताब जीतने का सबसे अच्छा मौका हो सकता है।

एस रमन ने कहा, “इस बायो-बबल युग में उन्हें विदेश में खेलने के तुरंत बाद अपने देश लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें फायदा मिला है। उन्होंने भारतीय परिस्थितियों को अच्छी तरह समझा है। हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं कि हम इस साल खिताब जीत सकते हैं।”

चार बार के नेशनल चैंपियन और पूर्व ओलंपियन रमन ने कहा कि पहले के सीज़न में सथियन को भारत में खेलने का कम समय मिलता था।

हालाँकि, दुनिया भर में COVID प्रतिबंधों के कारण साथियान टी-लीग में खेलने के बाद जापान से लौटने के बाद पिछले तीन हफ्तों से चेन्नई में ट्रेनिंग कर रहे हैं। ये सबसे लंबा समय है जब वो किसी भी नेशनल खेलने से पहल  भारतीय परिस्थितियों में रहे हों।