साथियान ने अपने आदर्श टिमो बॉल से मुकाबला कर तय किया एक और मील का पत्थर

पिछले महीने टेबल टेनिस पुरुष विश्व कप में अपने करियर में पहली बार दोनों पैडलर का आमना-सामना हुआ।

लेखक रितेश जायसवाल ·

साथियान गनासेकरन ने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए अपने बचपन के सपने के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “अपने बचपन के दिनों में मैं अपने घर में दीवार के खिलाफ टेबल टेनिस खेला करता था; और मैं शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ियों के नाम पर अपने विरोधी यानि कि दीवार का नाम रखता था और उनको हराने की कल्पना करता था। टिमो बॉल उन्हीं खिलाड़ियों में से एक थे। ऐसे में विश्व कप में सच में उनके साथ खेलना निश्चित रूप से मेरे लिए एक सपने के पूरा होने जैसा था।”

अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान अनुभवी जर्मन पैडलर को आदर्श रूप देते हुए, भारत के शीर्ष क्रम के टेबल टेनिस खिलाड़ी साथियान के लिए यह सही मायने में एक पल था जब उन्होंने चीन में पुरुषों के विश्व कप में टिमो बोल का सामना किया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब चेन्नई का यह पैडलर अपने आदर्श से मिल रहा था।

प्रशिक्षण शिविर की यादें

जर्मन पैडलर टिम बॉल से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए साथियान बोले, “मुझे अभी भी याद है चार साल पहले मुझे उनके (टिम) साथ प्रशिक्षण करने का अवसर मिला था। उस वक्त मैं दुनिया में 120वें स्थान पर काबिज़ था, लेकिन वह फिर भी मेरे साथ खेलकर खुश थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए लिखा था एक आगामी शीर्ष खिलाड़ी, जिसका नाम जल्द ही शीर्ष 100 में होगा शामिल।“

साथियान आगे बताते हैं, "जब वर्ल्ड कप के दौरान उनसे मिलने पर मैं उन्हें यह वाक्या याद दिलाता हूं तो वह (टिम) कहते हैं, “मुझे पता था कि तुम वास्तव में अच्छा करोगे और यह मैं तुममें साफ तौर पर देख सकता हूं।" वह वास्तव में जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं जो दूसरे खिलाड़ियों को अपनी सलाह और सुझाव देते रहते हैं।”

उन प्रशिक्षण दिनों के बाद से, सथियान गनासेकरन ने अपने पेशेवर करियर में बड़े पैमाने पर छलांग लगाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने अचंता शरत कमल के साथ साझेदारी करते हुए, पुरुष युगल वर्ग में 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर मेडल जीता। साथियान उस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतने वाले भारतीय पुरुष टीम का भी हिस्सा रहे।

पिछला सीज़न भी साथियान के लिए काफी फायदेमंद रहा है, क्योंकि वह एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले 43 वर्षों में पहले भारतीय बने। उन्होंने इस साल शीर्ष 25 रैंकिंग में भी प्रवेश किया और अपने अभियान की शुरुआत अपने विश्व कप के पहले मैच में एक ड्रीम रन के साथ की।

वर्ल्ड कप का शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता के प्रारंभिक दौर में फ्रांसीसी पैडलर साइमन गॉज़ी और डेनिश स्टार जोनाथन ग्रोथ को हराने के बाद, साथियान का मुकाबला उस खिलाड़ी से हुआ जिसने बचपन में उन्हें टेबल टेनिस खेलने के लिए प्रेरित किया था। यह उनके बचपन के सपने का साकार होने का वक्त था।

अपने पहले नॉकआउट मैच में उनका मुकाबला और किसी से नहीं बल्कि टिमो बॉल से हुआ। साथियान ने शानदार शुरुआत की और इस जर्मन पैडलर के खिलाफ पहला सेट जीतने में सफलता हासिल की। हालांकि, बॉल ने मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन वापसी की और उन्होंने यह मुकाबला 4-1 से जीत लिया।

2019 ITTF टीम विश्व कप से टिमो बॉल की एक तस्वीर

हालांकि, सथियान के लिए यह प्रदर्शन यादगार बन गया क्योंकि उस दिन उन्होंने दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी को चुनौती देने के अपने सपने को साकार किया।

इस मुकाबले पर साथियान बोले, “यह टिमो के साथ एक शानदार मैच था। मैंने आक्रामक रूप से शुरू किया क्योंकि मुझे पता है कि वह बहुत बुद्धिमान है और उसका अनुभव लगभग मेरी उम्र का है, इसलिए उनके पास बहुत सारी तकनीकें थीं जिनका सामना कर पाना बहुत मुश्किल है। उनका स्थान दुनिया में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में है लेकिन मेरे आक्रामक रुख ने उन्हें पहले गेम में हैरान कर दिया।”

“मुझे लगता है कि मैंने उन्हें एक अच्छी चुनौती दी। चौथा सेट भी काफी करीबी था, इसलिए भी टिमो बॉल मुझे हल्के में नहीं ले सकते थे और उन्हें मुझे हराने के लिए अपने शीर्ष स्तर का खेल दिखाना पड़ा। यह जानकर मेरा खुद पर विश्वास और बढ़ जाता है कि एक शीर्ष खिलाड़ी को मुझे हराने के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर का खेल दिखाने पर मजबूर होना पड़ा।“

इस भारतीय पैडलर ने वास्तव में बचपन से ही इस शीर्ष स्तर के खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुकाबला करने के लिए एक लम्बा सफर तय किया है। ऐसे में यह खिलाड़ी देश में इस खेल के लिए एक शानदार खिलाड़ी बनकर उभरा है जो अगले साल टोक्यो 2020 में अपने प्रदर्शन से सभी को आश्चर्यचकित करने का सामर्थ रखता है।