“भारत टोक्यो 2020 में क्वालीफाई करने का प्रबल दावेदार” – शरत कमल 

9 बार के सीनियर नेशनल चैंपियन शरत कमल का मानना है कि भारतीय टेबल टेनिस टीम टोक्यो 2020 में क्वालीफाई करने की मुख्य दावेदार है। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय टेबल टेनिस की दशा पिछले कुछ समय से सुरक्षित हाथों में है। अगर बात करें इसके सबूत की तो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखा जा सकता है। चाहे वह साथियान गणानाशेखरन के हवाले से आया हो या फिर किसी अन्य खिलाड़ी की ओर से।

शरत कमल की देख रेख में चल रहे इस 10 दिनों के कैंप से बहुत सी उम्मीदें हैं। हम आपको बता दें कि यह कैंप टोक्यो 2020 क्वालिफाइंग इवेंट के लिए रख गया है। 2020 ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाइंग इवेंट गोंडोमार, पुर्तगाल में 22–26 जनवरी के बीच खेला जाएगा। इसी के चलते भारतीय खिलाड़ी कमल की अगुवाई में जमकर अभ्यास कर रहें हैं ताकि वह टोक्यो 2020 की राह आसान कर सकें।

कैंप के हवाले से बात की जाए तो 9 बार के नेशनल चैंपियन कमल टीम के अभ्यास और प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। इस पद्मा श्री अवार्ड विजेता ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि “ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने के लिए भारत सबसे प्रबल दावेदार है।”

साल 2016 ने बदली खेल की दशा

कमल का मानना है कि साल 2016 ने भारतीय टेबल टेनिस का हुलिया बदला है। उस साल अल्टीमेट टेबल टेनिस प्रारंभ तो हुआ ही, साथ ही भारतीय गवर्निंग बॉडी द्वारा खेल की फंडिंग पर ध्यान भी दिया गया।

कमल ने आगे बात करते हुए बताया “भारतीय टेबल टेनिस की संरचना मज़बूत हो गयी थी। स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ़ इंडिया से मिली फंडिंग ने खेल को बहुत मदद की और साथ ही कोच मासिमो कॉस्टान्टिनी के प्रयासों ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में चार चांद लगा दिए।

अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीआई) जैसी प्रतियोगिता ने भारत में खेल की लोकप्रियता को बढ़ाया है जैसे क्रिकेट को इंडियन प्रीमियर लीग या फिर बैडमिंटन जैसे खेल को प्रीमियर बैडमिंटन लीग एक नया मुकाम दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में 4 मेडल जीतने वाले कमल ने कहा “ऐसी लीग खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मज़बूत करती हैं। यह 2016 से पहले भारत में नहीं था। साथियान और मनिका बत्रा जैसे अव्वल खिलाड़ी भी इसी प्रतियोगिता की खोज हैं।”

जर्मनी टीम से अभ्यास करना एक रणनीति

चेन्नई में चल रहे ट्रेनिंग कैंप और ओलंपिक गेम्स के क्वालिफायर राउंड के बीच भारतीय टेबल टेनिस टीम जर्मनी की नेशनल टीम के साथ जनवरी 13 – 20 के बीच अभ्यास करती नज़र आएगी।

जर्मनी के साथ अभ्यास करना एक समझदार निर्णय था क्योंकि जमर्नी नंबर 3 की टीम है और टोक्यो 2020 के लिए वह क्वालीफाई भी कर चुकी है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए कमल ने कहा कि “हमारे अभ्यास की नीति को मैं फिलहाल गुप्त रखना चाहता हूं।”

जब मिले कमाल के खिलाड़ी कमल और कमलेश

चेन्नई में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए 8 बार के नेशनल चैंपियन कमलेश मेहता ने भी प्रवेश किया। खिलाड़ियों से मिलने के बाद कमल मेहता ने कहा “में टीम से मिल चुका हूं और मैं टोक्यो 2020 के क्वालिफायर में अच्छे प्रदर्शन की कामना करता हूं।

भारतीय टेबल टेनिस की स्थिति फिलहाल काफी मज़बूत है। इस चौथे सीड की टीम से टोक्यो 2020 क्वालिफायर में बेहद अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रखी जा रही है। रैंकिंग में भारत फिलहाल साउथ कोरिया, चीनी ताइपे और स्वीडन से पीछे है। यह कहना गलत नहीं होगा कि इंडियन टेबल टेनिस की नज़र अब 2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालीफाई कर जापान में होने वाले संस्करण में अपनी छाप छोड़ने का है।