शिवपाल सिंह की नज़र टोक्यो से पहले डायमंड लीग पर

भारतीय जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह ने कोरोना वायरस के कहर से पहले ही टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया था।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

टोक्यो में भारत की बड़ी उम्मीद शिवपाल सिंह (Shivpal Singh) की नज़र डायमंड लीग पर भी टिकी हुई है। यह लीग मोरक्को में 23 मई से खेली जाएगी और जेवलिन शिवपाल सिंह के लिए यह ओलंपिक गेम्स से पहले की तैयारी भी मानी जा रही है।

शिवपाल सिंह ने ओलंपिक गेम्स में जगह साउथ अग्रीका में हुई एथलेटिक्स सेन्ट्रल नॉर्थ ईस्ट (Athletics Central North East – ACNW) लीग की बदौलत बनाई है और इसे कोरोना वायरस (COVID-19) से ठीक पहले यानी पिछले साल मार्च के महीने में खेला गया था।

कोरोना वायरस के कहर से पहले शिवपाल सिंह आखिरी भारतीय एथलीट बनें थे जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था। लॉकडाउन के बाद शिवपाल अपने साथी जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) और अन्य खिलाड़ियों के साथ नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स, पटियाला में ट्रेनिंग कर रहे थे  और यह सुनिश्चित कर रहे थे की जापान में जा कर भारतीय तिरंगे की जीत हो।

पिछले महीने इस पूरे ग्रुप को भुबनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया है और सभी एथलीट यहां पर चल रहे ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा बन चुके हैं।

द हिंदू से बात करते हुए शिवपाल सिंह ने बताया “भुबनेश्वर में शिफ्ट होने का मतलब है कि आप एक दम सही परिस्थितियों में ट्रेनिंग कर रहे हैं। फ़िट्नेस सर्वश्रेष्ठ है और थ्रोविंग निरंतरत। जनवरी के महीने में साउथ अफ्रीका और पोलैंड की सरज़मीन पर ट्रेनिंग करने की योजनाएं हैं और उसके बाद कुछ यूरोपियन स्पर्धाओं की बारी आएगी।”

पिछले साल मार्च के महीने के बाद से जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह ने किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है और इस समय वह स्पर्धा करने पर पूरा ज़ोर लगा रहे हैं और ऐसे में डायमंड लीग उनके लिए बेहद ख़ास साबित होने वाली है।

“मेरा मुख्य लक्ष्य डायमंड लीग ही है क्योंकि वहां आपको सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगी मिलते हैं और यह टोक्यो से पहे खुद के आंकलन का सबसे अच्छा मौका भी है।”

डायमंड लीग को ट्रैक एंड फील्ड की मुख्य स्पर्धा माना जाता है और इस साल यह प्रतियोगिता अपने 12वें संस्करण को अंजाम देगी। ग़ौरतलब है कि डायमंड लीग मई के महीने से रबात में शुरू होने जा रही है और उसके बाद इसे 28 मई से दोहा ले कर जाया जाएगा।

इसके बाद इस स्पर्धा को जून 4 से रोम में खेला जाएगा और फिर एथलीट इसे ओस्लो, स्टॉकहोल्म, मोनेको और लंदन में जारी रखेंगे। कुछ समय बाद टोक्यो ओलंपिक गेम्स की वजह से इस लीग को रोक दिया जाएगा।

शिवपाल सिंह डायमंड लीग के पहले भाग को टारगेट करने की कोशिश करेंगे ताकि ओलंपिक गेम्स से पहले वह सटीक लय को पकड़ सकें।

2019 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुके शिवपाल सिंह ने यह भी माना की कोरोना वायरस के चलते ट्रेनिंग करना और ओलंपिक गेम्स का एक साल आगे बढ़ना उनके लिए भी कठिन रहा है।

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए शिवपाल सिंह ने कहा “अब ट्रेनिंग दोबारा से पटरी पर आ रही है, साथ ही साल की शुरुआत से स्पर्धाएं भी शुरू हो जाएंगी और अब हमारे पास ओलंपिक गेम्स है जो कि हमारा सबका मुख्य लक्ष्य है। ऐसे में चीज़ें आसान हो गईं हैं।”