जानें एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप से भारत को हैं क्या उम्मीदें

भारतीय निशानेबाज़ों के लिए एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप के 14वें संस्करण में टोक्यो 2020 के लिए कोटा स्थान हासिल करने का आखिरी मौका होगा।

लेखक रितेश जायसवाल ·

एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप का 14वां संस्करण 5 नवंबर को दोहा में शुरू हो रहा है, जो कि हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह प्रतियोगिता 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में कोटा स्थान प्राप्त करने के लिए एथलीटों का अंतिम मौका होगा। कुल 38 ओलंपिक कोटा के साथ इस चैंपियनशिप में भारतीय दल की कोशिश होगी कि वह कतर में टोक्यो 2020 के लिए जगह पक्की कर सके।

अपूर्वी चंदेला, अभिषेक वर्मा और यशस्विनी देसवाल ने पहले ही ओलंपिक के लिए कोटा हासिल कर लिया है। एशियाई चैंपियनशिप देश के कुछ अन्य शीर्ष निशानेबाजों के लिए इस सूची में शामिल होने का एक शानदार मौका होगा।

आइए जानते हैं कि प्रत्येक शूटिंग श्रेणी में भारतीय निशानेबाज़ों से क्या उम्मीदें होंगी:

पिस्टल शूटिंग

हाल के दिनों में शूटिंग के इस वर्ग में भारत सबसे मजबूत रहा है। राष्ट्र के कई निशानेबाज़ पहले ही इसमें अधिकतम कोटा स्थान हासिल कर चुके हैं। पुरुषों की एयर पिस्टल टीम में सौरभ चौधरी और वर्मा हैं, जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुए आईएसएसएफ रियो वर्ल्ड कप में पदक जीते। साथ ही साथ युवा खिलाड़ी श्रवण कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

वर्मा और चौधरी ने पहले ही टोक्यो 2020 के लिए कोटा हासिल कर लिया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें श्रवण पर होंगी, जिन्होंने जुलाई में आयोजित राष्ट्रीय निशानेबाजी चयन ट्रायल में सिल्वर मेडल जीता था। अब वह वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए टोक्यो 2020 कोटा स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगे।

महिलाओं की एयर पिस्टल स्पर्धा में, भारत की मुख्य दावेदार युवा मनु भाकर और यशस्विनी देशवाल होंगी। दोनों पहले ही ओलंपिक के लिए कोटा जीत चुके हैं। ऐसे में वह साल के इस शानदार इवेंट में अपने फॉर्म को बनाए रखने की कोशिश करेंगी। इन दोनों के अलावा, अनुभवी निशानेबाज अन्नू राज सिंह भी एशियाई चैंपियनशिप में महिलाओं की मिश्रित पिस्टल स्पर्धाओं में शामिल होंगी।

पुरुषों की रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में भारत की मुख्य उम्मीद 17 वर्षीय अनीश सिंह भानावाला होंगे। इस युवा खिलाड़ी ने 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड जीता और जूनियर सर्किट में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि क्या वह वरिष्ठ मंच अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रख सकेंगे?

राइफल शूटिंग

शूटिंग के राइफल इवेंट में भारत की महिलाओं की टीम काफी मजबूत नज़र आ रही है। जिसमें दुनिया में क्रमशः पहले और सातवें पायदान पर काबिज़ चंदेला और अंजुम मौदगिल प्रतिभागिता करेंगी।

आईएसएसएफ रियो वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वालीं एलावेनिल वालारिवन भी इस इवेंट में शामिल होंगी। तीन शानदार निशानेबाज़ों के शामिल होने के चलते महिला राइफल शूटिंग वर्ग में काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

थ्री पोज़ीशन राइफल स्पर्धा में तेजस्विनी सावंत भारत की मुख्य उम्मीद होंगी। भारत के पास अभी भी इस श्रेणी में टोक्यो 2020 के प्रतिभागी नहीं हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में तीन बार की गोल्ड मेडल विजेता इस टूर्नामेंट में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की अपनी पूरी कोशिश करेंगी।

शीर्ष रैंक की अपूर्वी चंदेला महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत की मुख्य उम्मीद होंगी

पुरुषों के राइफल शूटिंग वर्ग में, भारतीय दल की ओर से केवल दिव्यांश सिंह पनवार ने ही एक ओलंपिक कोटा हासिल किया है। इसलिए एशियाई चैंपियनशिप में दीपक कुमार, यश वर्धन या किरण अंकुश जाधव को बेहतर प्रदर्शन करते हुए कोटा स्थान हासिल करने का प्रयास करना होगा।

रियो वर्ल्ड कप में क्वालिफिकेशन राउंड के बाद नौवें स्थान पर रहे दीपक बहुत ही कम अंतर से कोटा स्थान पाने से चूक गए थे। ऐसे में सभी को दोहा में उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

शॉटगन शूटिंग

शूटिंग में ट्रैप और स्कीट इवेंट का इतिहास काफी खराब रहा है। 2004 के एथेंस खेलों में, राज्यवर्धन सिंह राठौर के डबल ट्रैप में सिल्वर मेडल जीतने के अलावा भारत ने सभी वैश्विक प्रतियोगिताओं में लगातार पदक हासिल करने के लिए संघर्ष किया है। यहां तक कि 2019 लाहिती वर्ल्ड कप में भी भारत कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सका।

भारत की पुरुषों की ट्रैप टीम में पूर्व ओलंपियन क्यानन चेनाई और मानवजीत सिंह संधू और पृथ्वीराज टोंडाइमान हैं। संधू दो बार के आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल विजेता हैं और चेनाई 2016 ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा रह चुके हैं। अगर दोहा में ट्रैप शूटर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वह ओलंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं।

महिलाओं की ट्रैप टीम में, स्कीट में सनाया शेख और ट्रैप में श्रेयसी सिंह भारतीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण प्रतिद्वंदी होंगे। सिंह एक पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन हैं जो राष्ट्रीय क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए हमवतन सौम्या गुप्ता से काफी आगे निकल गई हैं। शेख की बात करें तो वह एशियाई चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करते हुए कोटा स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगी।

कहां देख सकते हैं यह चैंपियनशिप?

एशियन चैंपियनशिप के प्रत्येक इवेंट के फाइनल को आईएसएसएफ यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। वहीं, सभी इवेंट को आईएसएसएफ वेबसाइट पर देखा जा सकता है।