पीवी सिंधु की वर्ल्ड टूर फ़ाइनल की शुरुआत रही निराशाजनक 

जापान की अकाने यामागुची के हाथों पीवी सिंधु की 21-18, 18-21, 8-21 से हार

लेखक सैयद हुसैन ·

बीडब्लूएफ़ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में भारत की ओर से एकमात्र चुनौती पीवी सिंधु की हार के साथ शुरुआत हुई। चीन के गुआंगज़ू में शुरू हुई प्रतियोगिता के पहले दिन चौथी वरीयता प्राप्त शटलर जापान की अकाने यामागुची ने सिंधु को तीन गेम चले मुक़ाबले में मात दी। सिंधु ने पहला गेम 21-18 से अपना नाम कर लिया था लेकिन इसके बाद अगले दोनों गेम यामागुची ने 21-18 और 21-8 से जीतते हुए मुक़ाबला जीत लिया।

सिंधु की शानदार शुरुआत

जापानी शटलर ने पहले गेम में शुरुआत तो अच्छी की थी और 3-1 से सिंधु पर बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सिंधु ने अगले तीन प्वाइंट्स लगातार जीतते हुए गेम में वापस आ गईं थीं। सिंधु के लिए ये सीज़न मिला जुला रहा है, जहां पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार हार मिल रही है।

सिंधु के ताक़तवर स्मैशेज़ के सामने चौथी वरीयता हासिल जापानी शटलर कहीं टिकती नहीं दिख रहीं थीं, नतीजा ये हुआ कि पहले ब्रेक में भारतीय शटलर ने 11-8 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ़ में भी सिंधु लगातार जापानी शटलर पर हावी नज़र आईं, और देखते ही देखते यामागुची अब 11-17 से पीछे हो गईं थीं।

अपनी लंबाई का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सिंधु लगातार यामागुची पर दबाव बनाईं हुईं थीं। हालांकि जापानी शटलर भी मैच में वापसी की कोशिश कर रहीं थीं और लगातार चार प्वाइंट्स जीतते हुए बढ़त को बेहद कम कर दिया था।

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और सिंधु ने यहां से कोई ग़लती न करते हुए 21-18 से पहला गेम जीत लिया था।

यामागुची की वापसी

जब सिंधु फ़ॉर्म में हों तो उम्मीद होती है कि उन्हें रोकना मुश्किल होगा लेकिन पहले गेम में हारने के बाद अब बारी थी यामागुची की, जो दूसरे गेम की शुरुआत में ही 4-2 से आगे हो गईं थीं। हालांकि इसके बाद सिंधु ने अपने ताक़तवर शॉट्स के दम पर अगले 7 में से 6 प्वाइंट्स जीतते हुए मैच एक बार फिर रोमांचक बना दिया था।

सिंधु एक बार फिर अपनी लंबाई का फ़ायदा उठाते हुए कुछ बेहतरीन खेल दिखा रहीं थीं और हाफ़ टाइम तक भारतीय शटलर को 11-7 की बढ़त भी हासिल हो गई थी।

जैसे ही लगा कि अब एकतरफ़े मुक़ाबले में सिंधु की जीत क़रीब क़रीब पक्की है, ठीक तभी जापानी शटलर ने वापसी की राह पकड़ ली थी। देखते ही देखते यामागुची ने स्कोर 18-18 से बराबर कर दिया था, इतना ही नहीं इसके बाद तो उन्होंने सिंधु को सांस भी लेने का मौक़ा नहीं दिया और यहां से भारतीय शटलर को बिना प्वाइंट देते हुए दूसरा गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया।

यामागुची ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा

एक बेहतरीन वापसी के बाद ऐसा लगा जैसे जापानी शटलर को टॉनिक मिल गई हो या उन्होंने कोई ऐसा बटन दबा दिया हो जिसके बाद वह रुकने का नाम नहीं ले रहीं थीं। अब मैच में पूरी तरह से इस जापानी शटलर का दबदबा स्थापित हो चुका था, यामागुची ने 5-0 की बढ़त हासिल कर ली थी और तीसरे गेम के इंटरवल तक वह सिंधु से 11-3 से आगे थीं।

पहले दो गेम में ताक़तवर शॉट्स लगाने वाली सिंधु अब लग रहा था कि थक गईं, और वह यामागुची के खेल की बराबरी नहीं कर पा रहीं थीं। नतीजा ये हुआ कि यामागुची से काफ़ी लंबी होने के बावजूद अब मैच में स्मैशेज़ जापान की शटलर की ओर से देखने को मिल रहे थे।

सिंधु ने दूसरे हाफ़ में लगातार तीन प्वाइंट्स लेते हुए वापसी के संकेत तो दिए, लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी। यहां से यामागुची ने बिना वक़्त गंवाए एक के बाद एक लगातार 4 प्वाइंट्स लेते हुए सिंधु की उम्मीदों पर गहरा आघात पहुंचा दिया था। यामागुची ने तीसरा गेम 21-8 के बड़े अंतर से जीतते हुए मुक़ाबला 18-21, 21-18 और 21-8 से अपने नाम कर लिया।

ग्रुप के दूसरे मैचों में दूसरी वरीयता हासिल चेन यूफ़ेई ने हे बिंग जियाओ को 21-9, 21-18 से मात देकर जीत के साथ टूर्नामेंट का आग़ाज़ किया। चेन यूफ़ेई के साथ ही सिंधु की अगली टक्कर होगी।