हार के साथ पीवी सिंधु का बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल का सफ़र हुआ समाप्त 

वर्ल्ड नंबर 2 की चेन यूफेई ने भारतीय ओलंपिक गेम्स की सिल्वर मेडल विजेता को हराया। 

ग्वांगझोउ, चीन में चल रहे 2019 बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल में पीवी सिंधु को लगातार दूसरे मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा। आपको बता दें भारत की ओर से सिंधु एकमात्र खिलाड़ी हैं जो बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर का हिस्सा हैं। बुधवार को चीन चेन यूफेई के सामने भारतीय शटलर को 22-20, 16-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा।

सिंधु ने बनाई बढ़त

चेन यूफेई की बात की जाए तो उनका पिछला सीज़न बेहतरीन रहा है। 69 मुकाबलों में से इस चीनी शटलर ने 60 मौकों पर बाज़ी मारी और 6 बड़े इवेंट को अपने नाम किया। बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर में सिंधु के सामने यूफेई ने शानदार प्रदर्शन दिखाया और मुकाबले को अपने नाम किया। यह जीत उनके बुलंद हौंसलें को और भी प्रेरणा देती है और आने वाली चुनौतियों के लिए उन्हें और मज़बूत करती है। हालांकि भारत की सिंधु ने अंक बटोरने के बहुत से मौके भी बनाए लेकिन उनको तब्दील न करने की वजह से वह मुक़ाबले में पीछे रह गईं।

पहले गेम के आधे समय तक यूफेई 11-8 की बढ़त पर थीं और लग रहा था कि वह इस गेम को आसानी से जीत जाएंगी। खेल के दोबारा शुरू होने पर दोनों ही शटलरों ने ख़ासा दमखम दिखाया लेकिन स्कोर 17-13 से अभी भी यूफेई के हक में था। सिंधु को जल्द ही कुछ अलग करने की ज़रूरत थी और ठीक समय पर उन्होंने धावा बोला।

24 वर्षीय भारतीय शटलर ने अपने हुनर और तजुर्बे का इस्तेमाल करना शुरू किया और अपनी प्रतिद्वंदी को हर समय सावधान रहने पर मजबूत किया। सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए लगातार 5 अंक अपनी झोली में डाले और पहले गेम को 22-20 के स्कोर से अपने हक में किया।

चेन यूफेई का उम्दा खेल

अब बारी थी दूसरे गेम की और रियो ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी को लय प्राप्त हो चुकी थी। सिंधु ने गेम की शुरुआत में यूफेई से कुछ कड़े सवाल पूछे और कोर्ट को पूरी तरह से फतह करने की कोशिश की। अच्छे खेल के चलते भारतीय खिलाड़ी ने कुछ अंक भी बटोरे।

यूफेई ने भी अच्छे खेल को बढ़ाने का प्रयास किया और बताया कि इस मुकाबले को जीतने के लिए वह भी एक मज़बूत दावेदार हैं। बुधवार को सिंधु बनाम अकाने यामागुची’ के मुकाबले से यूफेई ने सीख लेकर सिंधु के खिलाफ वही पैंतरें इस्तेमाल किए जिस वजह से भारतीय शटलर को हार का सामना करना पड़ा था। ठीक यामागुची की तरह ही चीनी शटलर ने सिंधु के शरीर पर निशाना साधा और खेल को अपने तरीके से आगे बढ़ाया।

मुकाबले को बारीकी से परखते हुए यूफेई ने कुछ क्रॉस-शॉट्स का प्रयोग कर अंक बटोरना शुरू किया। मुकाबला अब कहीं भी जा सकता था। एक गेम सिंधु के नाम रहा तो अगले ही गेम में चीनी खिलाड़ी ने बाज़ी मारी। अब तीसरे और निर्णायक गेम से दर्शकों को विजेता मिलना था और दोनों ही खिलाड़ी इस गेम को जीत मुकाबले को अपने नाम करना चाहते थे। यूफेई ने चतुराई भरा खेल दिखाया और सिंधु को बैक-शॉट्स मारने पर मजबूर किया जिस वजह से उन्हें अंक भी मिले और गेम को उन्होंने आसानी से अपने कब्ज़े में कर लिया।

इस हार के साथ और यामागुची को हे बिंगची के खिलाफ मिली जीत की वजह से बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर में सिंधु का सफ़र ख़त्म हो गया है। हालांकि इस भारतीय शटलर को एक मुकाबला और खेलना है लेकिन उस मुकाबले को जीतने के बावजूद भी वह सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर सकतीं।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!