भारतीय हॉकी टीम की नज़र है टोक्यो ओलंपिक 2020 पर

बेंगलुरु में चल रहे राष्ट्रीय कैंप में वापसी के बाद सोजोर्ड मरिजने का लक्ष्य है कि यह टीम अब निरंतर अच्छा प्रदर्शन करे।

लेखक सैयद हुसैन ·

भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह साल यादगार है, लगातार दूसरी बार भारतीय महिला टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई करने में क़ामयाब रही है। भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच सोजोर्ड मरिजने के लिए ज़ाहिर तौर पर यह एक ख़ुशी का पल है, इस साल मरिजने की कोचिंग में टीम ने कई बड़ी टीमों को भी टक्कर दी है। ग्रेट ब्रिटेन, साउथ कोरिया और स्पेन जैसी टीमों के सामने भी टीम इंडिया ने हार न मानने का जज़्बा दिखाया है।

लेकिन सबसे अहम है 2020 ओलंपिक गेम्स, जो हर दिन के गुज़रने के साथ और क़रीब आता जा रहा है। टीम को भी पता है कि अब उन सुनहरे पलों को याद करने का वक़्त नहीं है बल्कि एक बार फिर कड़ी मेहनत करने का समय आ गया है। और पूरी टीम को ये संदेश कोई और नहीं बल्कि टीम के कोच मरिजने दे रहे हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच सोजोर्ड मरिजने टोक्यो 2020 से पहले सभी खिलाड़ियों को तरोताज़ा रखना चाहते हैं। तस्वीर सौजन्य: हॉकी इंडिया

लक्ष्य टोक्यो 2020

यूएसए के ऊपर एफआएच ओलंपिक क्लालिफ़ायर्स में नाटकीय जीत के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम बेंगलुरु में चल रहे राष्ट्रीय कैंप में जमकर पसीना बहा रही हैं। मरिजने इस बात से आश्वस्त हैं कि टीम टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए जम कर तैयारी कर रही है।

‘’अगले सात महीनों के लिए हमने अपना प्लान तैयार कर लिया है, हम ये बख़ूबी जानते हैं कि हमारी क्या कमियां हैं और हमें ओलंपिक से पहले कैसे सुधार लाने की ज़रूरत है।‘’ मरिजने का ये बयान हॉकी इंडिया ने साझा किया है।

‘’ओलंपिक की तैयारियों से पहले हमें कुछ अच्छी टीमों के ख़िलाफ़ भी खेलना है, जहां हमारी नज़र होगी निरंतरत अच्छा प्रदर्शन करें। बहुत ज़रूरी है कि खिलाड़ी के पैरों के साथ साथ दिमाग़ भी तरोताज़ा रहे।‘’

अगर एफआईएच क्वालिफ़ायर्स के उन दो मैचों को याद करते हुए मरिजने कहते हैं कि उन्हें इस तरह के प्रदर्शन से ख़ुशी नहीं है। इतना ही नहीं भारतीय टीम ने तो क़रीब क़रीब मौक़ा गंवा ही दिया था। हालांकि टीम के हार न मानने वाले जज़्बे पर मरिजने को बहुत उम्मीद है, और इसी वजह से वह ख़ुश भी हैं।

मरिजने की इमानदारी

‘’इस हफ़्ते टीम की हुई रिव्यू बैठक में हमने न ही टीम को बधाई दी और न ही उनके खेल के लिए उनकी पीठ थपथपाई। बल्कि यह इसलिए थी कि हमने कैसे क़रीबी मौक़ा गंवा दिया था, और दूसरा मैच हारते हारते बचे। मैंने अपना ग़ुस्सा भी बिना कुछ कहे ज़ाहिर किया। हमने यूएसए के ख़िलाफ़ खेले गए दूसरे मैच में जिस तरह पहले दो क्वार्टर में खेला था, मैं नहीं चाहूंगा कि कभी दोबारा ऐसा खेल हमारी तरफ़ से देखने को मिले।‘’: सोजोर्ड मरिजने

‘’उस मैच से अगर कुछ सकारात्मक था, तो वह था हमारा हार न मानने का जज़्बा। इस टीम की यही ख़ासियत मुझे बहुत पसंद है। ये टीम कभी हार नहीं मानती है, और ये जज़्बा इस टीम ने कई बार दिखाया है। जीतने की आदत और घर में बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ अच्छा खेलना आपकी मज़बूत इच्छा शक्ति दिखाती है।‘’

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को भरोसा है कि इस टीम में रियो ओलंपिक 2016 में खेल चुकी 10 खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को टोक्यो 2020 के लिए तैयार करने में मदद करेगी। तस्वीर सौजन्य: हॉकी इंडिया

पहले से भी बेहतर रानी रामपाल

2020 टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों को लेकर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल भी पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि टीम टोक्यो 2020 के लिए पूरी तरह से तैयार है। ‘’रियो में हुई प्रतियोगिता हमारे लिए भले ही बहुत अच्छा नहीं रही हो, लेकिन अब हमारे पास ओलंपिक में खेलने का अनुभव हासिल है।‘’

‘’अभी हमारे दल में ऐसी 10 खिलाड़ी मौजूद हैं जो रियो ओलंपिक 2016 में भी टीम का हिस्सा थीं। तब से लेकर अब में हमने टीम के तौर पर ख़ुद में बहुत ज़्यादा सुधार लाया है, मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार टोक्यो में हम पोडियम पर अपनी मौजूदगी ज़रूर दिखाएंगे।‘’