सोनम मलिक को है एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद

नई दिल्ली में आगामी एशियाई चैंपियनशिप में ख़िताब हासिल करने की दौड़ में युवा खिलाड़ी सोनम मलिक को बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय कुश्ती में सोनम मलिक का नाम उतना सुर्खियों में नहीं रहा जितना उनके हमवतन साथी बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट का रहा। अब 18 वर्षीय मलिक भी धीरे-धीरे अपने गुणवत्तापूर्ण प्रदर्शनों के साथ अपनी साख बनाने में जुट गई हैं।

अगर विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में उनके दो खिताब (2017, 2019) उनकी क्षमता के पर्याप्त सबूत नहीं थे, तो इस भारतीय युवा खिलाड़ी ने अपना दम-खम पिछले महीने नेशनल ट्रायल्स में दिखाने का काम किया। उन्होंने एक शीर्ष प्रदर्शन में साक्षी मलिक जैसी बड़ी पहलवान को शिकस्त दी।

रियो डी जनेरियो में 2016 ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता के खिलाफ युवा रेसलर सोनम ने शानदार प्रदर्शन किया। मलिक ने सीज़न की शुरुआती प्रतियोगिता में 62 किलोग्राम वर्ग में अपनी प्रतिद्वंदी को चार अंकों से हराते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई।

सोनम मलिक के लिए अच्छी नहीं रही शुरुआत

हालांकि उनका डेब्यू वरिष्ठ श्रेणी में हुआ – मैट्टियो पेल्लिकॉन मेमोरियल रैंकिंग इवेंट उनकी योजना के अनुसार नहीं रहा। अब भारतीय पहलवान आगामी एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कई रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद कर रही हैं।

उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में रेसलिंग टीवी को बताया, “एशियाई चैंपियनशिप के लिए गोल्ड मेरा एकमात्र उद्देश्य है और अगर मैं एशियाई क्वालिफायर में भी अच्छा प्रदर्शन करती हूं तो मेरी नज़र टोक्यो ओलंपिक में मेडल हासिल करने पर होगी, जो कि मेरा सबसे बड़ा सपना है।"

साक्षी मलिक पर जीत के बारे में उन्होंने कहा, "इस जीत के बाद निश्चित रूप से मेरे विश्वास में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन फिर मैं रोम में उन्हें हराने में विफल रही। तो अब यह बराबरी की बात हो गई है। अभी के लिए, मैं केवल यह कहूंगी कि साक्षी पर जीत ने मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया है। अब मैं खुद को भारतीय टीम में स्थापित करना चाहती हूं। ऐसे में मेरे लिए एशियाई चैंपियनशिप काफी महत्वपूर्ण है।”

किसी भी बहाने के लिए अब समय नहीं

अनुभव कम होने के अलावा रोम में सोनम मलिक को उनकी कोहनी की चोट ने भी परेशान किया। हालांकि वह स्वीकार करती हैं कि उनके मुकाबले के दौरान उन्हें यह समस्याएं थीं, लेकिन अब नई दिल्ली में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में ऐसी समस्याएं या बहाने नहीं चलेंगे।

इस बाबत वह कहती हैं, “हम यहां (लखनऊ में) राष्ट्रीय शिविर में एक निश्चित योजना पर काम कर रहे हैं। मैं अपनी कमजोरियों पर बहुत मेहनत कर रही हूं और विशेषकर लेग डिफेंस और आक्रामक आक्रमण पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं। रोम में कोहनी में चोट लगने की वजह से मैं पहले दौर में ही बाहर हो गई थी। मैं नई दिल्ली (एशियाई चैंपियनशिप) में यह सबकुछ नहीं झेल सकती।"

खुद को साबित करने की भूख और आगे बढ़ने की इच्छा के साथ सोनम मलिक 18 से 23 फरवरी तक होने वाली एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में मैट पर उतरने के लिए उत्सुक हैं। लेकिन वह कितना आगे जाएंगी और कितना बेहतर प्रदर्शन करेंगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।