सौरभ वर्मा ने वियतनाम ओपन का ख़िताब जीता 

हैदराबाद ओपन के बाद सौरभ वर्मा ने इस सीज़न का दूसरा बीडब्लूएफ टाइटल अपने नाम किया

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारत के सौरभ वर्मा ने बेहद उम्दा प्रदर्शन कर वियतनाम ओपन 2019 का ख़िताब जीता और इसी के साथ इस सीज़न का दूसरा बीडब्लूएफ टाइटल अपने नाम किया। वियतनाम ओपन जीतने से पहले, सौरभ ने इसी साल हैदराबाद ओपन जीता था और उसी की फॉर्म को वियतनाम में जारी रखकर उन्होंने कोर्ट फतह किया।

हो ची मिन्ह सिटी में हुए वियतनाम ओपन में सौरभ वर्मा ने रविवार को चीन कसुन फेई शिआंग को 21-12, 17-21, 21-14 से हराकर खिताब पर कब्ज़ा किया और भारतीय खेल प्रेमियों को एक और तोहफा दे दिया

सटीक शुरुआत

फाइनल की शुरुआत में सौरभ को कुछ कठिनाइयों का सामना ज़रूर करना पड़ा लेकिन एक बार लय में आने के बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी की एक न चलने दी। रविवार को हुए फाइनल में वर्मा ने होशियारी से शुरुआत की और 11-4 से बढ़त लेकर अपने काफिले को आगे बढ़ाया। इसके बाद महज़ गति को बरकरार रखना काफी था और वर्मा ने ठीक ऐसा ही किया। अन्ततः 21-12 से जीत उनकी झोली में ही आई और भारत गोल्ड मेडल जीतने के एक कदम और आगे बढ़मध्य में फिस्ले वर्मा

जिस प्रकार पहला गेम वर्मा ने आसानी से अपने नाम किया, उसे देख लग रहा था कि दूसरे गेम में उन्हें ज़्यादा मुश्किलातों का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन शिआंग के हौंसलों को पस्त करना इस बार आसान साबित नहीं हुआ।

चीन के शिआंग ने शुरूआती दौर में वर्मा की कठिन परिक्षा ली और चालाकी से 8-0 की बढ़त बना ली। हालांकि वर्मा ने भी जवाबी हमला करते हुए खेल के मध्य तक स्कोर 11-5 कर दिया। वर्मा की स्फूर्ति और सब्र ने उन्हें एक बार फिर मैच में वापसी करने का मौका दिया और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्कोर 16-19 तक पहुंचाया और जीत की उम्मीद सजा ली। अब मुकाबला किसी भी ओर जा सकता था, लेकिन शिआंग ने अच्छा खेल दिखाते हुए गेम 21-17 से अपने नाम किया और वर्मा को फाइनल खेलने पर मजबूर कियवियतनाम में लहराया भारतीय झंडा

कोर्ट तैयार था और जीत का ताज सजने का इंतज़ार कर रहा था। ऐसे में दोनों बैडमिंटन खिलाड़ियों ने सधी हुई शुरुआत की और मुकाबले को 6-6 के स्कोर से बराबर रखा। यह कहना मुश्किल था कि कौन फाइनल फतह करेगा। वर्मा ने इस बेहद ही दबाव वाले निर्णायक गेम में अपनी नव्ज़ों पर काबू रखा और 11-7 से बढ़त लेकर भारतीय खेमे को राहत पहुंचाई। भारत और गोल्ड मेडल में बस कुछ मिनटों का अंतर था और वर्मा ने इस दबाव को बखूबी संभालते हुए फाइनल स्कोर 21-14 से अपने हक में किया और बन गए वियतनाम ओपन 2019 के बादशाह।

अब नज़रें होंगी चाइना और कोरियन ओपन पर

चीन के ही चांगझौ शहर बैडमिंटन के कारवां को चाइना ओपन सुपर 1000 तक ले कर जाएगा जहां सभी तजुर्बेकार खिलाड़ी खेलते नज़र आएंगे। चाइना ओपन 2019, 17 से 22 सितम्बर तक खेला जाएगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस टूर्नामेंट में भारत खेमा किस रणनीति के साथ कोर्ट में उतरेगा। हालांकि सौरभ वर्मा इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं होंगे लेकिन भारतीय सर्वश्रेष्ट पीवी सिंधु ज़रूर खेलती नज़र आएंगी। सौरभ वर्मा का अगला लक्ष्य कोरियन ओपन फतह करना होगा जो कि इसी के एक हफ्ते बाद खेला जाएगा।