तजिंदरपाल सिंह ने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड जीतते हुए बनाया नया रिकॉर्ड 

2019 साउथ एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम।  

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कुछ महीने पहले, नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के शार्ट पुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर ने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया नेशनल रिकॉर्ड स्थापित किया था। नेपाल में चल रहे साउथ एशियन गेम्स में इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने 20.03 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल हासिल करते हुए अपने करियर में एक और च चांद लगा दिया।

इतना ही नहीं, तजिंदरपाल के अलावा भारत के ही शार्ट पुट खिलाड़ी ओम प्रकाश सिंह करहानाने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया। करहाना ने 17.31 मीटर का फासला नापते हुए पोडियम पर दूसरे स्थान पर कब्ज़ा किया। वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका के समिथ मधुसंक ने 15.55 मीटर के थ्रो की वजह से तीसरा स्थान हासिल लिया। साउथ एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन देखते ही बना और भारतीय खिलाड़ियों ने देश भर को खुशियां मनाने के बेहतरीन अवसर दिए।

वूमेंस शॉट पुट में भी भारत का बोल-बाला रहा और 24 वर्षीय आभा कथुया ने 15.32 मीटर का थ्रो कर पहले स्थान पर कब्ज़ा जमाया। इस गोल्ड मेडल से कथुया के करियर और मनोबल को ख़ास प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में उनसे और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाना वाजिब हो जाएग वहीं दूसरी तरफ कचनार चौधरी ने भी अच्छा प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया।

भारतीय एथलीटों ने भी दिखाया दम

साउथ एशियन गेम्स 2019 में भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखते ही बना। खिलाड़ियों ने अपनी उम्दा फॉर्म को जारी रखते हुए शुक्रवार को एक बार फिर फील्ड पर हमला बोला। 2019 आईएएएफ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक का सफ़र तय करने वाले एम् पी जबीर ने भी साउथ एशियन गेम्स 2019 में 400 मीटर हर्डल रेस में सिल्वर मेडल तक की दौड़ लगाई वहीं पाकिस्तान के महबूब अली के नाम साथ गोल्ड मेडल का तमगा जुड़ा और भारत के संतोष कुमार ने ब्रॉन्ज़ मेडल पर कब्ज़ा जमाया।

मेंस और वूमेंस 4x100 मीटर रिले रेस में भी भारत ने सिल्वर मेडल अपने नाम किए। हालांकि दोनों ही वर्गों में श्रीलंका के खिलाड़ी अव्वल रहे और गोल्ड मेडल पर अपने मुल्क की मुहर लगा दी। वूमेंस 5000 मीटर रेस में भी पारुल चौधरी ने सिल्वर मेडल जीता और प्रीती लाम्बा ने ब्रॉन्ज़ मेडल तक की दौड़ लगाई। अभी तक के प्रदर्शन को देखा जाए तो भारत के सभी खेल प्रेमी निहायती खुश हैं और वे अपने इन नायकों को और बेहतर प्रदर्शन करते देखना चाहते हैं।

मेंस 5000 मीटर रेस के दौरान भारतीय एथलीट सुनील डावर ने 14:55.21 की बेहतरीन टाइमिंग के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया लेकिन दिल्ली हाफ मैराथन विजेता, श्रीनू बुगाथा पोडियम का हिस्सा नहीं बन पाए और उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।

भारत की झोली में आए तीन बैडमिंटन गोल्ड

जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत और बैडमिंटन का रिश्ता पिछले कुछ समय में निखर के सामने आया है। साउथ एशियन गेम्स इस बात का सबूत भी बना जब बैडमिंटन में एक नहीं दो नहीं बल्कि भारत की झोली में तीन गोल्ड मेडल आए। पुरुष वर्ग में युवा सिरिज वर्मा ने हमवतन खिलाड़ी आर्यमन टंडन को 17-21, 23-21, 21-13 से हराया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस युवा खिलाड़ी ने जीत के साथ-साथ अपने भविष्य का भी प्रमाण दिया।

वूमेंस सिंगल्स फाइनल के दौरानअश्मिता चालिहा ने अपनी अच्छी फॉर्म को जारी रखते हुए गायत्री गोपीचंद को 21-18, 25-23 से हराकर कोर्ट पर अपना दबदबा कायम रखा। इतना ही नहीं साउथ एशियन गेम्स में इस खिलाड़ी ने मिक्स्ड टीम में खेलते हुए शानदार प्रदर्शन दिखाया और गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय मिक्स्ड टीम में खेलते हुए ध्रुव कपिला और मेघना जक्कमपुदीने श्रीलंकाई जोड़ी को 21-16, 21-14 से से मात दी और पोडियम के सबसे ऊपरी स्थान पर अपने नाम की मुहर लगाई।

टेबल टेनिस, फेंसिंग और वेटलिफ्टिंग में का बोल बाला

भारतीय खिलाड़ियों ने टेबल टेनिस, फेंसिंग और वेटलिफ्टिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड जीतने वाले एंथोनी अमलराज ने साउथ एशियन गेम्स 2019 में हरमीत देसाई को फाइनल में 4-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वूमेंस की बात करें तो सुतीर्था मुखर्जी ने आयुका मुखर्जी को हराकर अपनी झोली में गोल्ड मेडल डाला।

भारतीय फेंसिंग के खिलाड़ियों ने भी खेल प्रेमियों को खुशियां मनाने के मौके दिए। एक नहीं दो नहीं बल्कि फेंसिंग में भारत के हाथ 3 गोल्ड मेडल आए। करन सिंह, सुनील कुमार और थोबी देवी वंगलम्बम् ने अपने उम्दा खेल की बदौलत पोडियम पर सबसे ऊपर का स्थान हासिल किया और लक्ष्य में कामयाब रहे।

वहीं दूसरी तरफ भारतीय वेललिफ्टर अचिन्ता शूली ने भी साउथ एशियन गेम्स में ज़बरदस्त खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल पर मुहर लगा दी। शूली ने 73 किग्रा वर्ग में खेलते हुए कुल 300 किग्रा (135+165) वज़न उठाया यह कारनाम किया और पूरे देश को गर्व से भर दिया।

शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ी अव्वल रहे। अनुराज सिंह, ईशा सिंह और श्री निवेथा की टीम ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कुल 1733 स्कोर कर गोल्ड मेडल पर निशाना साधा। इतना ही नहीं निवेथा ने व्यक्तिगत वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।

तैराक भी रहे अव्वल

साउथ एशियन गेम्स में भारत ने लगभग हर खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को सम्मान दिलाया। शुक्रवार के दिन भारतीय तैराकों ने 10 और मेडल अपनी झोली में डाले और अपने सफ़र को ख़ास बनाया कुशाग्र रावत, श्रीहरी नटराज, माना पटेल और एनी जैन ने अपने अपने वर्गों में गोल्ड मेडल जीता और अपने देश को बड़े मंच पर सम्मानित किया। 50 मीटर फ्रीस्टाइल रेस के दौरान तजुर्बेकार वीरधवल खड़े ने सिल्वर मेडल जीत कर अपने भविष्य का प्रमाण दिया।