भारत को दक्षिण एशियाई खेलों के ताइक्वांडो में मिली सफलता

भारतीय खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो स्पर्धा में दो गोल्ड सहित नौ मेडल जीते।

भारत ने 2019 दक्षिण एशियाई खेलों के ताइक्वांडो स्पर्धा में सोमवार को दो गोल्ड सहित नौ मेडल जीते। पुरुष टीम ने पूमासे में और गौरव सिंहहर्षा सिंघा की जोड़ी ने पेयर पूमासे में भारत के लिए गोल्ड जीते। इसके अलावा भारतीय दल ने छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता।

पुरुषों की टीम पूमासे (17 वर्ष और उससे अधिक आयु के अंडर-23) में भारत के लालथलामुनपुइया, लालफाकजुआला, डैनियल लालहुमथांगा की तिकड़ी ने श्रीलंका की रानुका पेड़ी, दुरावालेज इसुरु और निमेश थानथिरिज की टीम को हराकर शीर्ष पुरस्कार जीता। वहीं, मेज़बान नेपाल का प्रतिनिधित्व करने वाले शिशिर श्रेष्ठ, अश्मीन राउत, दीपेंद्र गुरुंग की टीम को ब्रॉन्ज़ मेडल से ही संतोष करना पड़ा।

भारत ने दूसरा गोल्ड पेयर पूमासे इवेंट (25 वर्ष और अंडर-29 से अधिक श्रेणी) में जीता। जिसमें गौरव सिंह और हर्ष सिंघा की जोड़ी ने श्रीलंका के रानीपतिपुर जयवीरा और निश्शंका को 8.310 - 8.150 से पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की। जबकि नेपाल के जित बहादुर बॉट और पारबती गुरुंग ने अपने 8.130 के प्रदर्शन की बदौलत ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। 

सिल्वर मेडल के सितारे

पुरुषों की टीम पूमासे (23 वर्ष और उससे अधिक) में भारत के लिए रणजीत कुमार, सोयम सिंह और लाईशराम सिंह की तिकड़ी ने दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके साथ ही महिलाओं की टीम पूमासे (17 साल और अंडर-23 से अधिक) में ममता शाह, शिल्पा थापा और गीता यादव की तिकड़ी ने नेपाल की निशा दरनाल, स्वास्तिका तमांग और संजिला तिमालसीना से पीछे रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया।

पेयर पूमासे इवेंट (17 साल और अंडर-23 से अधिक) में शिल्पा थापा और कुनाल कुमार की भारतीय जोड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद श्रीलंका की इसुरी मेंडिस और रानुका दुर्वालेज से पीछे रह गई। श्री लंका की जोड़ी ने 8.230 का स्कोर किया जबकि भारत की जोड़ी को महज थोड़े से अंतर 8.210 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 

व्यक्तिगत प्रतिभाएं

व्यक्तिगत श्रेणी में भी भारतीयों ने दक्षिण एशियाई खेलों में कई पदक लाने के अपने कौशल का प्रदर्शन किया। जहां राहुल जैन ने पुरुषों के पूमासे (23 साल और अंडर-23 से अधिक) में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, गंगफुंग को 29 साल और उससे अधिक की श्रेणी में ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा।

महिलाओं में, रूपा बोरोर ने 17 साल और अंडर-23 वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि प्राजक्ता अंकोलेकर 29 साल और उससे अधिक की श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहीं।

नवीनतम उपलब्धियों ने भारत को छह गोल्ड, 11 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर अपनी जगह बनाने में मदद की, जबकि नेपाल 16 गोल्ड, तीन सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ इस तालिका में शीर्ष पर रहा।

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