महिला हॉकीः धमाकेदार वापसी के साथ चिली को ड्रॉ पर रोकते हुए दौरे पर नाबाद बनी हुई है भारतीय जूनियर टीम

भारतीय टीम को चार मैचों के बाद चिली में नुकसान उठाना पड़ा  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

चिली के प्रिंस क्लब ऑफ वेल्स कंट्री क्लब में शुक्रवार को हुए मैत्री मैच में भारत की जूनियर महिला हॉकी टीम ने धमाकेदार वापसी करते हुए चिली की सीनियर टीम को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया।  

इस मैच का परिणाम चाहे ड्रॉ रहा हो, लेकिन इसके बाद भी भारतीय जूनियर्स अभी भी चिली दौरे पर नाबाद हैं, क्योंकि टीम ने इससे पहले हुए तीनों मैच जीते थे।

हालांकि मैच में मेजबान टीम दो बार बढ़त बनाने में सफल रही, लेकिन भारतीय टीम ने हर बार दमदारी के साथ वापसी करते हुए मैच को ड्रॉ तक पहुंचाया।

21वें मिनट में मारियाना डेल जीसस लागोस और 51वें मिनट में फर्नांडा विलग्रान के गोल की बदौलत चिली ने दो बार बढ़त बनाई, लेकिन भारतीय टीम ने भी 40वें मिनट में दीपिका कुमारी और 55वें मिनट में गगनदीप कौर के गोल के साथ धमाकेदार वापसी करते हुए स्कोर को बराबरी पर ला दिया।  

पिछले मैच में भारतीय जूनियर टीम से 3-2 से मात खा चुकी चिली की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रूख अपनाते हुए चार बार गोल करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया।  

दूसरे क्वार्टर के शुरुआती चरण में चिली को कुछ पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वे इसे गोल में नहीं भुना सके। हालांकि, उन्होंने 16-यार्ड पास को रोकने के बाद हाफ टाइम से पहले वे ठीक सामने गेंद को ले जाने में कामयाब रहे और मारियाना ने इस मौके को गोल में तब्दील कर दिया।

मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम

भारतीय टीम को भी इसका जवाब देना था और उन्होंने निराश नहीं किया। उन्होंने दूसरे हाफ की शुरुआत में चिली के गोल तक पहुंचने के लिए फ्रंट फुट पर खेल को आगे बढ़ाया। खिलाडियों के प्रयासों का सार्थक परिणाम मिला, जब गगनदीप कौर ने बाईं तरफ नीचे की ओर दौड़ लगाई और उनके प्रयास को दीपिका कुमारी ने मैच का स्कोर बराबर करने में इस्तेमाल किया।

तीसरे क्वार्टर के अंतिम मिनटों में मिले पैनल्टी कार्नर को भारतीय टीम गोल में बदल देती तो वह उन पर बढ़त बना सकती थी। आखिरी क्वार्टर में मैच अपने चरम पर पहुंच गया था, क्योंकि चिली ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद भारतीय टीम ने प्रतिद्वंदी के डिफेंस को तोड़ने और उन्हें रोकने के लिए हर कोशिश की। उन्होंने तीसरे हमले के लिए ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को आक्रमण में उतार दिया और चिली के गोल पर प्रहार करते रहे।

हालांकि वे पेनल्टी कॉर्नर से हासिल करने से चूक गए, लेकिन फिर लड़कियों ने लांग कॉर्नर से एक पेनल्टी स्ट्रोक मार जिसे गगनदीप कौर ने सफलतापूर्वक गोल में बदलते हुए मैच का स्कोर 2.2 की बराबरी पर पहुंचा दिया। 

इस दौरे के आखिरी दो मैचों में 23 और 24 जनवरी को दोनों टीमें फिर से एक-दूसरे के सामने होंगी।