टोक्यो ओलंपिक तक के लिए भारत ने विदेशी कोचों का क़रार बढ़ाया

ऐसा इसलिए किया गया है कि एथलीट्स और कोच के पास एक दूसरे को समझने का समय होगा, विदेशी कोच के भुगतान की ज़िम्मेदारी खेल मंत्रालय की है।

टोक्यो ओलंपिक तक भारतीय एथलीटों की ट्रेनिंग और विकास को ध्यान में रखते हुए स्पोर्ट्स ऑथिरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) ने अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक तक के लिए विदेशी कोचों का क़रार बढ़ा दिया है। अब कोचों का कार्यकाल 30 सितंबर 2021 तक के लिए बढ़ गया है।

अलग अलग 11 स्पर्धाओं के कुल 32 कोचों का क़रार बढ़ा दिया गया है, उनमें से ज़्यादातर विदेशी कोच का क़रार इस साल सितंबर में ख़त्म हो रहा था।

सभी विदेशी कोचों का भुगतान सरकार के द्वारा होता है और सभी राष्ट्रीय खेल संघों के बनाए गए कार्यक्रम पर काम करते हैं।

भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा, ‘’टोक्यो ओलंपिक जब एक साल के लिए स्थगित हो गया है तो ऐसे में उन्हीं कोचों को साथ रखना ज़रूरी है, ताकि खिलाड़ियों पर इसका बुरा असर न पड़े।‘’

‘’नए कोच अगर आएंगे तो फिर उन्हें यहां के और खिलाड़ियों को समझने के लिए पहले समय बिताना होगा। लेकिन हमारे पास उतना समय नहीं है।‘’

ओलंपिक चैनल के साथ बातचीत में इस निर्णय का भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा (Viren Rasquinha) ने भी समर्थन करते हुए कहा कि यही समय की मांग है।

‘’एक कोच को अपनी रणनीतियों को मैदान पर उतारने में थोड़ा समय लगता है, ये ऐसा नहीं है कि रातोंरात हो जाए। ख़ास तौर से टीम के साथ ज़्यादा समय लगता है, क्योंकि एक रात में ही आपको क़ामयाबी नहीं मिल जाती।‘’

जिन कोचों का क़रार बढ़ाया गया है, उनमें कुछ बड़े नाम इस तरह हैं: सैंटियागो नीवा (Santiago Nieva) और राफ़ेल बर्गामास्को (Raffaele Bergamasco), बॉक्सिंग। मेंस हॉकी में ग्राहम रीड (Graham Reid) और शूटिंग में पावेल स्मिरनोव (Pavel Smirnov)।

किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।
किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी कोचों का क़रार इसके बाद NSF के रिव्यू पर निर्भर करेगा।

SAI का ओलंपिक विज़न

किरेन रिजिजू ने इससे पहले जानकारी दी थी कि भारतीय और विदेशी दोनों ही कोच चार साल के लिए ओलंपिक साइकिल को ध्यान में रखते हुए रखे गए हैं ताकि वे ओलंपिक तक अच्छे से तैयारी कर सकें। ये फ़ैसला भारत के 2024 और 2028 ओलंपिक में ज़्यादा से ज़्यादा पदक जीतने के लक्ष्य से लिया गया है।

हालांकि अभी जो क़रार बढ़ाया गया है वह अस्थायी तौर पर है टोक्यो ओलंपिक के बाद इस पर दोबारा पुनर्विचार किया जाएगा। जिसका फ़ैसला राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) इन कोचों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए लेंगे।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) के हवाले से ख़बर है कि सभी कोचों का क़रार NSF की सिफ़ारिश के बाद बढ़ाया गया है। साथ ही साथ तमाम कोचों की सैलरी और सभी चीज़ें पहले की ही तरह रहेंगी।

मार्च से पहले निलंबित हुए सभी ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन इवेंट से पहले भारत के 74 एथलीटों ने टोक्यो 2020 का टिकट हासिल कर लिया है।

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