खेल के स्तर को और भी बेहतर करने के लिए भारत सरकार का बड़ा क़दम

भारत सरकार की इस पहल का मकसद है कि वह टोक्यो 2020 से हटकर अपनी तैयारियों को एक नया मुकाम दे सके।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारत सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर 14 नए खेलों को शॉर्टलिस्ट किया है। इसके साथ ही 23 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centres of Excellence) स्थापित करने का फैसला किया गया है। भारत को उम्मीद है कि वह 2024 और 2028 के ओलंपिक (Olympic 2020) के लिए बेहतर तैयारी सुनिश्चित कर सकेगा। फिलहाल भारत अभी टोक्यो 2020 पर फोकस कर रहा है, लेकिन गवर्निंग बॉडी (Governing Body) ने भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) के रीजनल सेंटर और शैक्षणिक संस्थानों में पहले से चल रही मौजूदा योजनाओं को भी इसके अंदर लाने की कोशिश कर रही है।

शुक्रवार को भारतीय खेल प्राधिकरण की गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई, जिसमें 14 प्राथमिकता वाले खेलों पर फैसला लिया गया है। जिस पर प्रमुखता से फोकस किया जाएगा।

इन 14 खेलों के आसपास बने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अत्याधुनिक सुविधाएं होगी। जहां स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट और एथलीटों के लिए विशेष रूप से आहार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। वहीं, इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा, "गवर्निंग बॉडी ने 350 से अधिक खेल विज्ञान विशेषज्ञों और 100 से ज्यादा मेस और रसोई कर्मचारियों की नियुक्ति को भी सुनिश्चित किया है। 

इसके साथ ही इसमें अलग-अलग नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रसोइएं और पोषण विशेषज्ञ की नियुक्ति भी शामिल है। जहां "सभी के लिए बेहतरीन गुणवत्ता वाले आहार और खेल विज्ञान की सुविधाओं को सुनिश्चित करना है"। वहीं, इसके साथ ही 25 हॉस्टल का भी निर्माण कराया जाएगा, जहां नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 8 हजार लोगों के रहने की जगह होगी। 

भारतीय खेल की बुनियादी ढांचे के लिए व्यापक लाभ

इसके साथ ही खेल के बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम मिलेगा। पटियाला और बेंगलुरु के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 56 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, इसके साथ ही खेल विज्ञान उपकरण के लिए लगभग 80 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।

खेलो इंडिया को मिला बढ़ावा

इस पहल से क्षेत्र के 21 विशेष खेल लाभांवित होंगे, जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केन्द्रों के अंतर्गत रखा जाएगा। प्रेस रिलीज के मुताबिक, “नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और प्रशिक्षण केंद्र खेलो इंडिया (Khelo India) योजना के तहत होगा। हालांकि, भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा (ए) ब्लॉक अनुदान के माध्यम से कोच और प्रशासनिक कर्मचारियों का वेतन वहन किया जाएगा। ”

 बताते चलें कि भारत ने पिछले एक दशक के दौरान ओलंपिक में अपने प्रदर्शन से एक बेहतरीन छलांग लगाई है। जहां 2012 और 2016 के खेलों में पदक हासिल किया है। वहीं, अब इस बार ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है।