भारतीय खेल प्राधिकरण की मिशन ओलंपिक इकाई ने एथलीटों की ट्रेनिंग के लिए दी 1.3 करोड़ रुपए की मंजूरी

फंड पास करने के अलावा एजेंडा मीटिंग में एथलीट्स के पदों को भी TOPS में बदल दिया गया।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय एथलीटों की ट्रेनिंग को ध्यान में रखते हुए उनकी तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से भारतीय खेल प्राधिकरण की मिशन ओलंपिक इकाई (MOC) ने 1.3 करोड़ रुपए (लगभग 180,000 डॉलर) की राशि को मंजूरी दे दी है। यह राशि सात विभिन्न खेलों के लिए होगी।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने एक बयान में कहा, “वे पहले (गुरुवार को) 47वी एजेंडा बैठक के लिए मिले, जहां समिति ने टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत एथलीटों के प्रदर्शन पर चर्चा की और विभिन्न खेलों में TOPS एथलीटों के वित्तीय प्रस्तावों की समीक्षा की।”

कई एथलीटों में जिन्हें इस फंड का लाभ मिल रहा है, उनमें जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव, शिवपाल सिंह और निशानेबाज़ मिराज अहमद खान और चिंकी यादव का नाम भी शामिल है। इसमें इन सभी के उपकरण अनुरोध को पूरा किया गया है। एथलेटिक्स और शूटिंग के अलावा साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी वित्तीय सहायता दी गई, उन्हें नए पहिए और अन्य उपकरण खरीदने की आवश्यकता थी।

मीटिंग में रिकर्व तीरंदाज़ अतुल वर्मा को TOPS कोर समूह से विकासात्मक समूह में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।

भारतीय खेल प्राधिकरण ने शीर्ष भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज के लिए नए उपकरणों के उनके अनुरोध को भी देखा। इसके साथ ही क्लब और कोच के साथ-साथ मिशन ओलंपिक इकाई के तहत वित्तीय सहायता की पेशकश की गई थी।

फंड की मंजूरी के अलावा 47वीं एजेंडा बैठक में TOPS कोर ग्रुप से विकासात्मक समूह में रिकर्व तीरंदाज़ अतुल वर्मा को स्थानांतरित करने के निर्णय पर भी चर्चा हुई। यह निर्णय एथलीटों के वर्तमान फॉर्म और प्रदर्शन के आधार पर लिया गया। नए बदलावों के अनुसार रेसलर संदीप तोमर और उत्कर्ष काले को TOPS स्कीम से हटा दिया गया है।

पैरा-एथलीटों को मिलेगा बड़ा लाभ

मिशन ओलंपिक इकाई के इस कदम से पैरा-तीरंदाज़ों हरविंदर सिंह, राकेश कुमार, श्याम सुंदर और विवेक चिकारा को मदद मिलेगी। उनकी मांगों में एक नया कृत्रिम अंग शामिल है। पैरा-जेवलिन थ्रोअर अजीत सिंह के कृत्रिम अंग अनुरोध को स्वीकार किया गया है।

स्पेन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी सुकांत कदम, सुहास यतिराज, मनोज सरकार, प्रमोद भगत, तरुण और कृष्णा नागर की भागीदारी जो अभी तक रुकी हुई थी, उसे भी मंजूरी दे दी गई है।