‘उड़ान’ को दर्शा रहा है स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया का प्रतीक चिन्ह

SAI के नए प्रतीक चिन्ह का खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में अनावरण किया।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की स्थापना 1982 में की गई थी, तब से लेकर आज तक इस संस्था ने अपने लोगो यानी चिन्ह में कोई छेड़छाड़ नहीं की, लेकिन अब इसमें कुछ फेरबदल कर दिया गया है।

जी हां, राष्ट्रीय खेल निकाय ने बुधवार को मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में अपने इस नए प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया। इस अनावरण को भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) द्वारा संपन्न किया गया। इतना ही नहीं बल्कि इस समारोह में इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (Indian Olympic Association – IOA) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा (Narinder Batra) भी शामिल हुए।

इस प्रतीक चिन्ह का पीछे का हिस्सा सफ़ेद रखा गया है और साथ में ‘उड़ान’ का एक सार लगाया गया है जो कि SAI के सिधान्तों को दर्शाता है। उस ‘उड़ान’ भरे चिन्ह के पास भारतीय तिरंगे के रंगों की स्थापना भी की गई है।

किरेन रिजिजू ने बातचीत के दौरान कहा, “SAI ने एथलीटों को ज़रूरी समर्थन दिया है ताकि वह अपने करियर में उड़ान भर सकें और अपने जीवन में उपलब्धियां हासिल कर सके और यह प्रतीक चिन्ह इसी संदेश को दर्शाता है।”

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“भारतीय तिरंगा इस चक्र का नीला रंग राष्ट्र के उत्साह को दर्शाता है और यह दिखाता है कि SAI ने खेल की दुनिया के उन बड़े नामों को संवारा है जिन्होंने सबसे उच्च स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।”

खेल मंत्रालय ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की स्थापना लगभग 40 साल पहले की थी ताकि भारत में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके।

SAI के बयान के मुताबिक़, “यह रूपांतरण का सफ़र है जहां कौशल को ढूंढ़ कर उन्हें निचले स्तर से ही मज़बूती देने का काम किया जाता है ताकि देश में खेल को बढ़ावा मिलता रहे।”

फिलहाल SAI भारत में कई अकादमी भी चलता है और लगातार खिलाड़ियों पर नज़र बनाए रखता है। इतना ही नहीं ओलंपिक कैंप जिस सेंटर में लगता है, वह सेंटर भी SAI के अंतर्गत आता है। इसके अलावा यह संगठन नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (Sporting Federations – NSF) को भी बढ़ावा देता है।