पीआर श्रीजेश: ओलंपिक के लिए मददगार साबित होगा एफआईएच प्रो लीग का अनुभव

एफआईएच प्रो लीग में भारत का अभियान जनवरी 2020 में शुरू होगा।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम ने हाल ही में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन की बदौलत 2020 ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया है।

एक ओर जहां भारतीय महिला हॉकी टीम संयुक्त राज्य अमेरिका को एग्रीगेट स्कोर के साथ हराकर ओलंपिक टिकट हासिल करने में कामयाब रही। वहीं दूसरी ओर पुरुष टीम ने दूसरे क्वालिफायर में रूस को 7-1 से करारी शिकस्त देते हुए ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर ली।

दूसरे क्वालिफायर के प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए भारतीय पुरुष टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा "हमने सोचा था कि हम पहले क्वालिफायर जैसे ही रूस पर दबाव बनाते हुए यह मैच खेलेंगे। हालांकि रूस ने वास्तव में काफी अच्छी शुरुआत करते हुए हमारी राह मुश्किल करने की कोशिश की।

लेकिन उसके बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर किया। फिर एक के बाद एक हुए कई गोल ने रूस को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया और भारत यह मैच जीतने में कामयाब रहा।”

प्रो लीग का अनुभव लाभदायक

ओलंपिक क्वालिफिकेशन टास्क के खत्म होने के साथ अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपना ध्यान एफआईएच प्रो लीग पर केंद्रित करेगी। यह लीग अगले साल जनवरी के मध्य में शुरू होगी।

इस प्रतियोगिता में भारत कड़ी प्रतिद्वंदिता की उम्मीद कर सकता है क्योंकि बेल्जियम, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई शीर्ष टीमें इस लीग का हिस्सा होंगी।
भारतीय गोलकीपर का मानना है कि टोक्यो 2020 से पहले प्रो लीग उनके लिए सीखने और अपने खेल को बेहतर करने का एक शानदार मौका होगा।

उन्होंने कहा, "हमारा पहला लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना था और इसके बाद प्रो लीग के लिए तैयारी। हम सभी जानते हैं कि यह प्रतियोगिता कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर ओलंपिक से पहले। हमारे लिए हर मैच महत्वपूर्ण होगा और शीर्ष टीमों के खिलाफ इतने बड़े टूर्नामेंट में खेलने का अनुभव हमें टोक्यो 2020 के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेगा।"

भारत अपने एफआईएच प्रो लीग अभियान की शुरुआत 18 और 19 जनवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ घरेलू सरज़मी पर करेगा। इसके बाद बाकी के मैच वह जून 2020 तक घरेलू या विदेशी सरज़मी पर खेलेगा।