कोच सुमा शिरूर को है टोक्यो 2020 में निशानेबाज़ों से मेडल जीतने की उम्मीद 

2020 खेलो इंडिया यूथ गेम्स से पहले जूनियर राइफल टीम की कोच सुमा शिरूर ने 2020 ओलंपिक गेम्स में मेडल जीतने पर आत्मविश्वास जताया।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

साल 2020 ओलंपिक गेम्स का साल है ओर शूटिंग एक ऐसा खेल है जिसमें भारत अपने खेमे में बहुत से सुनहरे पल डाल सकता है। अगर खिलाड़ियों की बात की जाए तो अंजुम मौदगिल, दिव्यांश सिंह पंवार और ऐश्वर्या सिंह तोमर से सभी को काफी उम्मीदें हैं।

भारतीय शूटिंग में पनप रहे सितारों को देख जूनियर राइफल टीम की कोच सुमा शिरूर को टोक्यो 2020 में मेडल जीतने के लिए आत्मविश्वास ज़रूर मिला होगा। यही वजह है कि कोच शिरूर को इन उभरते सितारों से निश्चित रूप से ख़ासी उम्मीदें हैं।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स के द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ में शिरूर ने कहा कि “मेरे हिसाब से भारत शूटिंग में शीर्ष स्थान पर है। हमारे निशानेबाज़ बहुत प्रतिभाशाली हैं। उनका हैण्ड-आई कॉर्डिनेशन बहुत अच्छा है। अपने दिन पर हर एक खिलाड़ी मेडल जीतने की क्षमता रखता है। हम दो से तीन इवेंट में बहुत मज़बूत हैं और इस बार मुझे कुछ मेडल जीतने की भी उम्मीद है।”

2004 एथेंस ओलंपिक में सुमा शिरूर ने वूमेंस शूटिंग के 10 मीटर एयर राइफल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 

साल 2002 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुकी शिरूर का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय खेल का भविष्य बेहद मज़बूत होने वाला है। इस बारे में उन्होंने कहा “भारत सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को आर्थिंक मदद मिलना बहुत अच्छी बात है। खेलो इंडिया गेम्स की वजह से खिलाड़ियों को खेल को बुनियादी तौर पर सीखने का मौका मिलता है और साथ ही उन्हें खेल की परस्पर सामग्री भी दी जाती है। यह एक युवा एथलीट के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। खेलो इंडिया भारत को एक खेल महाशक्ति के रूप में ढाल रहा है।

भविष्य के भारतीय सितारे

खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मदद से शिरूर और उनके साथी कोच जसपाल राणा ने भविष्य के भारतीय शूटिंग सितारों पर नज़र डाली। इस बारे में उन्होंने बताया “हम लोगों ने पिछले 2–3 सालों से जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों और उनकी तरक्की की गति को देखा है। अगर शूटर प्रतिभाशाली है तो बाकी खिलाड़ियों से ज़्यादा जल्दी खेल को सीखता है।”

शिरूर के लिए प्रतिभा ही सब कुछ नहीं बल्कि मेहनत को भी वह सलफता का ज़िम्मेदार मानती हैं। उन्होंने आगे कहा “प्रतिभा पर्याप्त नहीं है और हर खिलाड़ी को अपने खेल के प्रति कड़ी मेहनत दिखानी चाहिए।हम आपको बता दें कि 2020 खेलो इंडिया यूथ गेम्स जनवरी 10-22 गुवाहाटी, असम में खेले जाएंगे।”