आईएसएल में 50 गोल का योगदान दर्ज करने वाले पहले भारतीय बनें सुनील छेत्री

बेंगलुरू एफसी के कप्तान ने टीम के खिलाड़ी आशिक कुरुनियान की चोट के बाद अपनी टीम के लिए तीन अंक बटोरे।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) में गुरुवार को खेले गए मुकाबलें में बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) के कप्तान सुनील क्षेत्री (Sunil Chhetri) ने ओडिशा एफसी (Odisha FC) के खिलाफ अपनी टीम की जीत को और यादगार बना दिया।

सुनील क्षेत्री टूर्नामेंट में 50 गोलों का योगदान करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, इस खिलाड़ी ने 42 गोल किए, वहीं 8 गोल करने में मदद की।

36 साल के क्षेत्री ने बेंगलुरु की तरफ से हैडर की मदद से मैच का पहला गोल किया और वह आईएसएल इतिहास में 50 गोल का योगदान करने वाले ऑवरऑल दूसरे खिलाड़ी बनें। एफसी गोवा के पूर्व फॉरवर्ड फेरन कोरोमिनास इस लिस्ट में सबसे आगे हैं, इस स्पेनिश खिलाड़ी ने 48 गोल के साथ 16 गोल करने में मदद भी की।

अब इस जीत के साथ बेंगलुरु एफसी आईएसएल पॉइंट टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। लेकिन इसी के साथ आशिक कुरुनियान (Ashique Kuruniyan) की चोट ने कार्ल्स क्वाड्रात (Carles Cuadrat) की परेशानी बढ़ा दी है।

23 वर्षीय कुरुनियान  की ओडिशा के जेरी मावीहिंगथंगा (Jerry Mawihmingthanga) के साथ भिड़ंत हो गई, जिसके बाद उनकी ठुड्डी में फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद उन्हें  अस्पताल ले जाना पड़ा। मैच के बाद क्षेत्री अपनी उपलब्धि और टीम की जीत के बाद खुश तो हुए लेकिन इसी के साथ अपनी टीम के खिलाड़ी की चोट से वह परेशान नजर आएं।

कप्तान सुनील क्षेत्री ने कहा कि “मैं बहुत चिंतित हूं और मैंने अपनी फिंगर क्रॉस कर रखी है, मैं इस घटना के करीब नहीं था, लेकिन जिसने भी देखा, उन्होंने कहा कि यह बहुत बुरा था।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “हमें जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार उनकी चिकबॉन टूट गई है, यह बिल्कुल अच्छी खबर नहीं है।”

क्लब ने इसके बाद सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि कर दी कि आशिक के चेहरे पर कई फैक्चर हैं।

इस घटना से मैच पर भी काफी बड़ा प्रभाव पड़ा, आशिक की चोट से पहले बेंगलुरु 1-0 से आगे चल रही थी लेकिन इस चोट ने उनके खिलाड़ियों को हिला कर रख दिया, इस वजह से ओडिशा को भी वापसी का मौका मिल गया। हालांकि, ब्लूज़ ने अपना संयम नहीं खोया और क्लेटन सिल्वा की बदौलत वह जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

क्षेत्री ने कहा कि “आशिक की चोट की गंभीरता के बारे में खबर फैलने के बाद, हम परेशान हो गए थे लेकिन शुक्र है हमने खुद को जल्दी ही संभाल लिया और 3 अंक हासिल करने में कामयाब रहे"।

पिछले कुछ वर्षों में बेंगलुरू ने कड़ी मेहनत की है। 2018-19 के चैंपियन हमेशा एक एक पॉइंट के लिए विरोधी टीम को तरसा देते हैं।

टीम के कप्तान का मानना है कि "आप तकनीकी रूप से एक अच्छी टीम हो सकते हैं लेकिन अगर आप कड़ी मेहनत नहीं करते हैं, तो आप कुछ भी नहीं जीतेंगे। हमने पहले दिन से जोर दिया था कि हर कोई बचाव के लिए वापस आए और एक टीम के रूप में दृढ़ हो। जो भी टीम चैंपियनशिप जीतने की ख्वाहिश रखती है, उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी होती है। टीम में कभी हार ना मानने का जज्बा होना चाहिए।”