सैयद मोदी चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे किदांबी और वर्मा

एक तरफ़ जहां किदांबी और वर्मा ने अंतिम-8 में जगह बनाई तो वहीं चोट और हार ने भी भारतीय उम्मीदों को झटका दिया है। 

लेखक सैयद हुसैन ·

लखनऊ के बाबू बनारसी दास इंडोर स्टेडियम में खेले जा रहे 2019 सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिटंन चैंपियनशिप का तीसरा दिन भारत के लिए मिला जुला रहा।

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 भारत के श्रीकांत किदांबी ने हमवतन पारुपल्ली कश्यप को हराकर आख़िरी-8 में पहुंच गए हैं। 36 मिनट तक चला यह मुक़ाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां पहले गेम में पारुपल्ली कश्यप बेहतरीन लय में दिखे और पहले गेम को 21-18 से अपने नाम किया। लेकिन इसके बाद तीसरे वरीयता प्राप्त श्रीकांत किदांबी ने दो बार के सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय चैंपियन कश्यप पर वापसी करते हुए मुक़ाबला 18-21, 22-20 और 21-16 से जीत लिया। किदांबी के सामने अब शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में दक्षिण कोरिया के 7वीं वरीयता हासिल सोन वान हो की चुनौती होगी।

किदांबी के साथ-साथ भारत के ही एक और शटलर सौरभ वर्मा ने भी तीसरे दौर का मुक़ाबला जीतते हुए क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली। इस साल दो बार BWF सुपर 100 इवेंट के चैंपियन रहे सौरभ ने हमवतन अलाप मिश्रा पर सीधे गेम में जीत हासिल की।

महिला सिंगल्स में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन स्पेन की कैरोलिना मरीन, जो घुटने की चोट के बाद वापसी कर रही हैं, उन्होंने कड़े मुक़ाबले में दक्षिण कोरिया की शटलर सिम यू जीन को मात देते हुए अपना सफ़र जारी रखा। पहला गेम 19-21 से हारने के बाद मरीन ने बेहतरीन अंदाज़ में वापसी की और अगले दोनों गेम 21-13, 21-11 से जीतते हुए मुक़ाबला अपने नाम किया। मरीन का सामना अब रूस की शटलर एवगिनीया कोसेत्सकाया से होगा।

निराशाजनक सफ़र

भारत के दिग्गज शटलर साई प्रणीत के तौर पर भारतीय फ़ैंस को उस वक़्त निराशा हाथ लगी जब उन्हें थाईलैंड के कुनलावुत वितिदस्रान ने सीधे गेम में 21-11, 21-17 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। 27 वर्षीय साई प्रणीत इससे पहले इस साल 5 बार क्वार्टर फ़ाइनल तक का सफ़र तय कर चुके थे। थाईलैंड के शटलर को अब उम्मीद होगी कि एक और भारतीय शटलर को हराते हुए वह अपने सफ़र को चैंपियनशिप जीतने के क़रीब ले जाएं, क्योंकि शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में उनके सामने सौरभ वर्मा की चुनौती होगी।

भारत के लिए निराशाओं का दौर लगातार जारी रहा, एच एस प्रणॉय को भी चीनी ताइपे के शटलर वैंग ज़ू वी के हाथों हार झेलनी पड़ी। 18 वर्षीय युवा सनसनी लक्ष्य सेन का शानदार सफ़र भी आख़िरकार थम गया जब उन्हें पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 और मौजूदा 7वीं वरीयता हासिल सोन वान हो ने मात दी।

इनके साथ-साथ भारत के एक और शटलर अजय जयराम भी टूर्नामेंट से बाहर हो गए, चीन के ज़ाओ जुन पेंग के हाथों पहला गेम हारने के बाद अजय ने दूसरा गेम जीतते हुए मुक़ाबला रोमांचक बना दिया था। तीसरे और निर्णायक गेम में भी टक्कर बराबरी की चल रही थी, लेकिन आख़िरी बाज़ी चीनी शटलर ने मारी और इस तरह जयराम 18-21, 21-14 और 28-30 से हार गए।

चोट से थमा सफ़र

भारतीय महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी का सफ़र भी थम गया, लेकिन यह जोड़ी हार की वजह से नहीं बल्कि चोट की वजह से बाहर हुई। इंग्लिश जोड़ी श्लो बर्क और लॉरेन स्मिथ के साथ हुआ यह मुक़ाबला चंद मिनट में ही समाप्त हो गया, अभी स्कोर 0-2 ही था तभी पोनप्पा चोटिल हो गईं और फिर उन्हें मैच से बाहर होना पड़ा।