अभिनव बिंद्रा के साथ रिफ्यूजी शूटर्स का बेंगलुरू दौरा उनके लिए फ़ायदेमंद साबित होगा

IOC मुख्यालय में अपने एक दौरे के दौरान ओलंपिक चैंपियन ने ये तय करने के लिए बहुत कम समय लिया कि वो भी टेकिंग रिफ्यूजी का हिस्सा होंगे।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के मुख्यालय में भारतीय दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) एक दौरे पर आए थे, जहां उनके दोस्त निकोलो कैंप्रियानी (Niccolo Campriani) एक परियोजना शुरू कर के कुछ निशानेबाजों के साथ काम कर रहे थे। 

जब इसके बारे में उन्होंने अधिक जानने की कोशिश की, तो पता चला कि इटेलियन रिफ्यूजी निशानेबाजों को टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफाई कराने कि दिशा में एक मिशन पर थे। 

तब से अभिनव बिंद्रा निकोलो कैंप्रियानी की परियोजना का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं, यहां तक कि पिछले साल बेंगलुरु में अपने कैंप में उनकी मेजबानी भी की थी।

“मैंने जीवन को बदलने के लिए खेल की शक्ति देखी है। मुझे पता है कि इससे मेरा जीवन बदल गया है। मुझे वास्तव में उनकी कहानी के माध्यम से और उनकी अवधारणा जानने के बाद इसमें शामिल होना पड़ा, “अभिनव बिंद्रा ने टेकिंग रिफ्यूज के प्रीमियर पर मीडिया ब्रीफिंग में कहा: जो कि टार्गेट टोक्यो 2020 पर आधारित ओलंपिक चैनल का ओरिजनल सीरीज है।

“मैं विश्व तीरंदाजी एक्सीलेंस सेंटर (World Archery Excellence Centre) (लुसाने और स्विट्जरलैंड) में उनके साथ बातचीत करने के लिए भी गया था। मुझे वास्तव में उनका दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता अच्छा लगा और मुझे बहुत महसूस हुआ कि मुझे इस परियोजना में योगदान देना चाहिए। मैंने तुरंत स्वेच्छा से किसी भी तरह से मदद करने के लिए मन बना लिया, जो मैं कर सकता था। और एक साल बाद, हम यहां हैं।”

रिफ्यूजी शूटर्स का बेंगलूरू दौरा

हालांकि ये इटेलियन शूटर रिफ्यूजी निशानेबाज़ - खौला, महदी और लूना को ट्रेनिंग दे रहे हैं- पिछले महीनों में लुसाने में, अभिनव बिंद्रा को पिछले साल बेंगलुरू में अभिनव बिंद्रा टार्गेटिंग परफॉर्मेंस सेंटर (Abhinav Bindra Targeting Performance Centre) में रिफ्यूजी शूटर्स की मेजबानी का मौका मिला। ये वो दौरा था जो निशानेबाजों के विकास में फ़ायदेमंद था।

अभिनव बिंद्रा ने कहा, “इसका मुख्य लक्ष्य था कि निशानेबाज़ बेंगलुरु में मेरे केंद्र में आएं और यहां एथलीटों के साथ ट्रेनिंग और बातचीत करें। ये एथलीटों का वो समूह है जो मुझे कहते हुए गर्व हो रहा है कि वर्तमान में दुनिया के कुछ सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा निशानेबाज़ हैं।”

शरणार्थी निशानेबाज़ ने टोक्यो के लिए लिया बिंद्रा का सुझाव

शरणार्थी निशानेबाज़ ने टोक्यो के लिए लिया बिंद्रा का सुझाव

“एथलीटों को न केवल एक नए देश और एक नई संस्कृति का अनुभव मिला, बल्कि उन्हें ट्रेनिंग और प्रतियोगिता के दबाव को कैसे कम करना है ये भी सीखने को मिली।

"भारत में उनका आना हम सभी के लिए एक अद्भुत अनुभव था और मुझे यकीन है कि ये उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगा।"

जबकि निकोलो कैंप्रियानी के ट्रेंड निशानेबाज़ टोक्यो खेलों की ओर बढ़ रहे हैं, अभिनव बिंद्रा को उम्मीद थी कि अलग अलग स्पर्धाओ के ओलंपियन इस परियोजना से एक सबक लेंगे और कुछ इसी तरह की शुरूआत करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे इस सफर ने समय समय पर साबित किया है कि ये खेल लोगों को एकजुट करने की शक्ति है। और निको और मैं दोनों उत्साहित हैं कि आगे क्या होगा।”

“भारतीय दिग्गज शूटर ने कहा कि “हम उम्मीद करते हैं कि ये परियोजना दुनिया में कई और लोगों के जीवन को सवारेगी। निको ने शुरुआत से ही मुझे हमेशा बताया है कि वो इस परियोजना को और अधिक ओलंपिक चैंपियन और साथी एथलीटों द्वारा आगे ले जाना चाहते हैं। ताकि वो परियोजना में और अधिक रिफ्यूजियों को शामिल कर सकें।

अभिनव बिंद्रा ने कहा "आगे के लिए हम लोग देख रहे हैं कि किसी एथलीट के साथ बातचीत करें, जो इस परियोजना को आगे बढ़ाने में रुचि रखता हो, चाहें वो किसी भी खेल से जुड़ा हो।"

"हमें अपनी विशेषता और अपने गुणों को साझा करने में खुशी होगी जो हमने सीखा है, ताकि जो भी इस परियोजना को आगे बढ़ाता है वो बेहतर कर सके।"

ये सीरीज अब ओलंपिक चैनल पर उपलब्ध है।

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