मुंबई मैराथन के ज़रिए नितेंदर रावत की नज़र टोक्यो 2020 पर

2021 फुल मुंबई मैराथन 30 मई को होने जा रहा है। कोरोना वायरस की वजह से इसमें कम प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और यह ओलंपिक क्वालिफायर्स का किरदार भी निभाएगा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

मंगलवार को हुई घोषणा के अनुसार खबर यह आ रही है कि मुंबई मैराथन का अगला संस्करण 30 मई को होगा। आयोजकों ने इस खबर की पुष्टि की है।

यह इवेंट एक लेबल (गोल्ड) रोड रेस है और अपनी श्रेणी में एशिया के प्रमुख इवेंट में से एक है। इसमें प्रतिभागी 3 वर्गों में हिस्सा लेते हैं – फुल मैराथन, हाफ मैराथन और 10 किमी रन।

फुल मैराथन श्रेणी प्रतिभागियों के लिए ओलंपिक क्वालिफायर्स के रूप में भी कार्य करेगी और ऐसे में भारतीय धावकों को घरेलू सरज़मीन का फायदा भी मिलेगा।

सभी की नज़रें भारतीय धावक नितेंदर सिंह रावत (Nitendra Singh Rawat) पर बनी हुई होंगी। ग़ौरतलब है कि नितेंदर सिंह ने रियो गेम्स में भारत का नेतृत्व भी किया था। हालांकि रावत पिछले दो सालों से खेल से दूर हैं लकिन इस बार मुंबई मैराथन के ज़रिए वह वापसी करने की ओर देख रहे हैं।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए रावत ने कहा “भारत में हो रही रेस को लेकर मैं उत्साहित हूं। देश के बाहर आयोजित रेसों के लिए न्योता आना मुश्किल है। मुझे लगता है कि मुंबई मैराथन मेरे लिए बेहद अहम होने वाला है। मुझे इसके ज़रिए ओलंपिक में जगह बनानी है।”

“मेरे पास मुंबई रेस की कई अच्छी यादें हैं और मैं इस बार भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा।”

जनवरी में आयोजित होने वाली रेस इस बाद मई के महीने में दौड़ी जाएगी और इसका प्रभाव धावकों पर भही पड़ेगा।

30 वर्षीय रावत ने आगे बातचीत करते हुए कहा “मई के महीने में हम गर्मियों में होते हैं। मुंबई की गर्मी बेहद कठोर है। आर्द्रता भी अपने उत्तम चरण पर होती है। मैं उम्मीद करता हूं कि मैं अच्छा कर पाऊंगा।”

अब जब टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए निर्धारित समय 2:11:30 रखा गया है तो ऐसे में रावत को लगभग अपने समय से 4 मिनट कम करने होंगे। फिलहाल उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 2:15:18 है।

“हाँ, यह मुश्किल है लेकिन मुझे विश्वास है कि में क्वालिफाइंग मार्क से नीचे रेस ख़त्म कर दूंगा। यह आपकी फिटनेस पर निर्भर करता है और मैंने पिछले सालों में इस पर काम किया है और साथ ही अपने समय को भी काटा है। उम्मीद करते हैं कि जब इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है उस समय पर यह काम कर जाए।”

कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की संख्या सीमित कर दी गई है।

कुछ चुनिंदा प्रतिभागी अपनी निर्धारित जगह से ही रेस की शुरुआत करेंगे और बाकी मुंबई मैराथन की शुरुआत अपनी मनपसंद जगह से करेंगे।

इथियोपिया के डेरारा हरिसा (Derara Hurisa) ने 2020 मुंबई मैराथन को अपने नाम किया था और इस रेस को पूरा कर उन्होंने रिकॉर्ड (2 घंटे और 9 सेकंड) भी स्थापित किया था। वहीं महिलाओं के वर्ग में अमने बेरिसो (Amane Beriso) ने 2:24:51 की मदद से गोल्ड मेडल जीता था।