टोक्यो ओलंपिक से पहले चयन ट्रायल में राइफल शूटर संजीव राजपूत ने की राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी

पहले ट्रायल के प्रदर्शन से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने के लिए मजबूत हुई राजपूत की स्थिति

लेखक भारत शर्मा ·

टोक्यो ओलंपिक में भारत की पदक की उम्मीद और अनुभवी राइफल शूटर संजीव राजपूत ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित पहले चयन ट्रायल में 1181 के स्कोर के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी की। इतना ही नहीं वह ट्रायल में पुरुष राइफल शूटिंग के शीर्ष तीन में सबसे ऊपर रहे।

पहले चयन ट्रायल में उनका यह बेहतरीन प्रदर्शन एक उम्मीद के रूप में आया है। इसका कारण है कि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य रखा है।

राजपूत ने नीलिंग पॉजीशन (घुटने झुकाकर) में 393, प्रोन पॉजीशन में 398 और खड़े रहकर 390 का स्कोर किया। इस तरह से उन्होंने कुल 1181 का स्कोर किया। इसके साथ ही उन्होंने अगस्त 2019 में रियो डी जनेरियो विश्व कप में अपने ही नेशनल रिकॉर्ड स्कोर की बराबरी भी कर ली। संयोग से यह अद्भुत प्रदर्शन उन्हें टोक्यो ओलंपिक में स्पॉट बुक कराने में मदद करेगा।

उनकी शूटिंग देखकर लग रहा था कि कोरोना महामारी के ठहराव के बाद भी उनकी एकाग्रता भंग नहीं हुई है। बता दें कि राजपूत ने मार्च 2020 के बाद पहली बार 'वास्तविक' प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है।

भारत के राइफल शूटर संजीव राजपूत

हालांकि, राजपूत ने लॉकडाउन के दौरान कुछ ऑनलाइन शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा जरूर लिया था।

राजपूत ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "यह देखते हुए कि यह पहला टूर्नामेंट था जिसमें हमने एक साल बाद हिस्सा लिया है। मुझे लगता है कि मेरी शूटिंग काफी संतोषजनक थी। मैं इस योग्यता के अंत की ओर ध्यान केंद्रित करने के नुकसान को महसूस कर सकता था, लेकिन मैंने ब्रेक में खुद पर मेहनत की और फाइनल में अच्छा प्रदर्शन किया।"

उन्होंने कहा, "स्कोर दर्शाता कि मैं सही रास्ते पर हूं और मुझे लगता है कि NRAI और साई द्वारा संचालित प्रशिक्षण शिविर के कारण ही यह संभव हो पाया है। शिविर ने हमें वापस उसी जगह पहुंचाने में मदद की, जहां से हम आए थे।"

इसके बाद राजपूत ने प्रोन में 156.1, नीलिंग पॉजीशन में 150.6 और खड़े रहकर में 153.2 अंक हासिल कर फाइनल में महाराष्ट्र के शूटर स्वप्निल कुसाले को हराया।

कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन शुक्रवार को अपने दूसरे ट्रायल में हिस्सा लेंगे। 2008 के बीजिंग और 2012 के लंदन में अपने कमतर प्रदर्शन के साथ पुरुषों की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश करने में विफल रहने के बाद यह ट्रायल टोक्यो ओलंपिक से पहले राजपूत के लिए एक बहुत जरूरी ड्रेस रिहर्सल के रूप में कार्य करेगा।

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा आयोजित ट्रायल का उद्देश्य नई दिल्ली और दक्षिण कोरिया में आगामी विश्व कप के लिए निशानेबाजों का चयन करना है।