टोक्यो ओलंपिक के 2021 तक टलने पर भारतीय ओलंपिक खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ 

भारतीय एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और टोक्यो 2020 आयोजन समिति के निर्णय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए लिया ट्विटर का सहारा।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और टोक्यो 2020 आयोजन समिति ने मंगलवार को खेलों को स्थगित करने के अपने निर्णय की आधिकारिक पुष्टि की। कई भारतीय एथलीटों ने इस फैसले का स्वागत किया। ओलंपिक खेलों को पहले 24 जुलाई से 9 अगस्त 2020 तक आयोजित किया जाना तय था।

टोक्यो 2020 आयोजन समिति के साथ मिलकर आईओसी ने खेलों को साल 2020 के बाद फिर आयोजित करने का फैसला किया है। फिलहाल ओलंपिक खेलों को लेकर को नई तारीख नहीं तय की गई है, लेकिन अब इन्हें साल 2021 में गर्मियों से पहले आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इस घोषणा के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर कई भारतीय एथलीटों ने अपनी दीं और आईओसी और टोक्यो 2020 आयोजन समिति के निर्णय की सराहना की। ओलंपिक इतिहास में भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) (10 मीटर एयर राइफल में बीजिंग 2008 के स्वर्ण पदक विजेता) ने अपने विचारों को साझा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

अभिनव ने ट्वीट करते हुए लिखा, "अब जबकि एथलीटों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टोक्यो खेलों का परिदृश्य स्पष्ट हो गया है तो प्रशिक्षण शिविरों को तुरंत स्थगित कर देना चाहिए और एथलीटों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार समझते हुए उन्हें उनके लोगों के साथ छोड़ देना चाहिए। उनका स्वास्थ्य और उनके आसपास के लोग भी मायने रखते हैं।”

पांच बार के ओलंपियन ने बाद के एक ट्वीट में सभी एथलीटों को सुरक्षित रहने का आग्रह भी किया।

2012 के लंदन खेलों में बैडमिंटन में कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने इस निर्णय के लिए आईओसी की सराहना की।

छह बार की विश्व चैंपियन और 2012 के लंदन ओलंपिक में मुक्केबाज़ी में कांस्य पदक विजेता एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) ने भी इस फैसले का तहे दिल से स्वागत किया।

इसी बीच पूर्व भारतीय हॉकी पुरुष टीम के कप्तान वीरेन रासक्वीन्हा ने थोड़ा विस्तार में अपनी बात को व्यक्त किया। उन्होंने महसूस किया कि टोक्यो में जाने वाले एथलीटों की उचित फिटनेस और आत्मविश्वास के लिए खेलों का स्थगित किया जाना एक बेहतर बेहतर निर्णय रहा।

खेलों को स्थगित करने की घोषणा टोक्यो के नए राष्ट्रीय स्टेडियम में नियोजित उद्घाटन समारोह से 122 दिन पहले की गई। इससे पहले ओलंपिक खेलों को विश्व युद्ध के दौरान रद्द किया गया था। हालांकि यह पहली बार है जब ओलंपिक खेलों को टालते हुए अगले साल कराने की बात की गई है।