भारत में दो साल बाद होगा हॉकी विश्व कप, जानिए पिछले संस्करणों में क्या हुआ  

2023 हॉकी विश्व कप के भारत में हुए पिछले संस्करणों से भी भव्य आयोजन की तैयारी  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

आज से दो साल बाद भारत चौथी बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी करेगा। एक बार फिर से ओडिशा के भुवनेश्वर और राउरकेला को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ हॉकी प्रतिभाओं के स्वागत के लिए चुना गया है। 2023 हॉकी विश्व कप 13 से 29 जनवरी तक आयोजित किया जायेगा।

पिछली बार भारत ने विश्व कप 2018 की मेजबानी भुवनेश्वर में की थी। यहां भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी। हालांकि, भारतीय टीम एक नए सिरे से अतीत की निराशा को दफन करते हुए घरेलू उत्साही दर्शकों के सामने नये जोश के साथ आगे बढ़ना चाहेंगे।

जैसा कि देश में हॉकी के लिए लोगों की चाहत बढ़ती जा रही है। शीर्ष निकाय और ओडिशा सरकार सभी मार्की इवेंट की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। विश्व कप के 2023 संस्करण के लिए राउरकेला में एक विश्व स्तरीय स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसे करीब 20,000 दर्शकों की क्षमता के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है, जो बैठक क्षमता के मामले में देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम होगा।

ओडिशा के खेल और युवा मामलात मंत्री तुषरकांति बेहरा ने एक मीडिया को बताया, "आगामी विश्व कप, 2018 के विश्व कप से भी बड़ा और भव्य होने की उम्मीद है।"

उन्होंने कहा, "2023 विश्व कप दो जगह भुवनेश्वर और राउरकेला में आयोजित करना हमारे लिए एक चुनौती के साथ सुनहरा अवसर भी होगा। 2018 में विश्व कप भुवनेश्वर के कलिंग हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इसलिए अधिकांश व्यवस्थाएं भुवनेश्वर में ही मौजूद हैं, जबकि राउरकेला में एक नया विश्व स्तरीय हॉकी स्टेडियम बनाया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "दोनों स्थानों पर विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा एक बार फिर से ओडिशा को एक सफल और यादगार टूर्नामेंट आयोजित करने और एक मूल्यवान और स्थायी विरासत पीछे छोड़ने में सक्षम बनाएगा।"

भारत विश्व कप के एक और संस्करण के आयोजन के लिए तैयार है। आइए नजर डालते हैं पिछले तीन मौकों पर क्या हुआ जब भारत ने इस आयोजन की मेजबानी की:

1982 विश्व कप (मुंबई)

भारत ने 1982 में पहली बार विश्व कप की मेजबानी की थी। हॉकी विश्व कप के पांचवें संस्करण में सभी मैच मुंबई में खेले गए थे। 1982 विश्व कप में 12 टीमों ने भाग लिया, जिन्हें पूल A और पूल B में बांटा गया था।

भारत को ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, सोवियत संघ, इंग्लैंड और मलेशिया के साथ रखा गया। प्रारंभिक दौर में मेजबान टीम, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के बाद तीसरे स्थान पर रही और सेमीफाइनल में आगे नहीं बढ़ पाई।

हालांकि, भारत ने पांचवें से आठवें स्थान के वर्गीकरण मैच खेले और 5वां स्थान हासिल किया। पाकिस्तान ने 1982 विश्व कप में चैंपियन बनने के लिए फाइनल में पश्चिम जर्मनी को हराया। जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम तीसरे स्थान पर रही।

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह

2010 विश्व कप (नई दिल्ली)

22 सालों के अंतराल के बाद भारत ने राजधानी नई दिल्ली में हॉकी विश्व कप के 12वें संस्करण की मेजबानी की। मेजबान टीम को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के साथ पूल B में रखा गया था। उनके उप-प्रदर्शन ने उन्हें चौथे स्थान पर पहुंचाया। बाद में सातवें स्थान के लिए हुए मैच में हार मिलने के कारण टीम का अभियान आठवें स्थान पर पहुंच कर खत्म हुआ

ऑस्ट्रेलिया दूसरी बार विश्व विजेता बना और जर्मनी उपविजेता रहा जबकि नीदरलैंड ने तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया।

2018 विश्व कप (भुवनेश्वर)

संयोग की बात है कि अपनी मेजबानी में भारत ने कभी भी यह मार्की इवेंट नहीं जीता। इसका नवीनतम संस्करण भुवनेश्वर में आयोजित किया गया।

16 टीमों के इस इवेंट में भारत को बेल्जियम, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका के साथ पूल C में रखा गया था। मेजबान टीम तीन में से दो मैच जीत कर ने अपने पूल के शीर्ष पर रहते हुए नॉकआउट के लिए क्वालीफाई किया।

क्वार्टरफाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ 1-2 से मिली हार के कारण भारत के अभियान का निराशाजनक अंत हुआ। मेजबान टीम छठे स्थान पर रही, जबकि बेल्जियम ने विश्व खिताब पर कब्जा जमाया।