हरमनप्रीत सिंह ने कहा खेल की परिस्थितियों को समझने का यह बेहतर मौका

ओलंपिक हॉकी टेस्ट इवेंट 17 अगस्त से टोक्यो में शुरू हो रहा है। जिसके लिए भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें रविवार को रवाना हो गईं हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें ओलंपिक टेस्ट इवेंट के लिए रविवार को रवाना हो गईं हैं। ये प्रतियोगिता 17 अगस्त से टोक्यों में शुरू हो रही है। इसी साल दोनों टीमों को ओलंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेना है। ये क्वालीफायर मैच नवंबर में होने हैं। ऐसे में टीमों को ओलंपिक टेस्ट प्रतियोगिता से अच्छा अनुभव मिलने की उम्मीद है।

भारत की पुरुष टीम मेज़बान जापान, न्यूज़ीलैंड और मलेशिया से खेलेगी, जबकि महिला टीम को आस्ट्रेलिया, चीन और जापान का सामना करना होगा। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि यह टूर्नामेंट युवाओं के लिए अपनी पहचान छोड़ने का अच्छा मौका है, क्योंकि ओलंपिक क्वालीफायर के लिए टीम चयन से पहले सभी की नज़र हमारे ऊपर ही रहेंगी”।

युवा खिलाडियों पर रहेगी नज़र

उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट प्रतियोगिता से टीम को टोक्यो की परिस्थितियों को समझने का भी अच्छा मौका मिलेगा। डिफेंडर ड्रैगफ्लिकर हरमनप्रीत ने कहा, “हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन को लेकर सकारात्मक हैं। इस स्थल पर खेलने से हमें वहां की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी और हम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर काफी उत्साहित हैं।’

ऑस्ट्रेलिआई टीम को देंगे कड़ी चुनौती

महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा, “आगामी टूर्नामेंट में हमारी टीम का लक्ष्य बेहतर रैंकिंग वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करने का होगा।" रानी ने टीम के टोक्यो रवाना होने से पहले यह भी कहा कि पिछले एक साल में उनकी टीम ने जापान और चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन एक टीम जिसके खिलाफ हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं, वह ऑस्ट्रेलिया है। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत ओलंपिक क्वालीफायर की उनकी तैयारी पर बड़ा असर डालेगी।