दुनिया के सबसे तेज़ धावक उसैन बोल्ट ने एथलीटों से की फ़िट रहने की अपील 

कॉलिन जैक्सन के साथ एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन में जमैकन धावक ने 2016 के सेशन को याद किया और बताया कि उन्होंने अपने ओलंपिक करियर को बेहतरीन मोड़ पर ले जाने के लिए किस हद तक कोशिश की थी।

एक दशक से अधिक समय तक उसैन बोल्ट (Usain Bolt) ने अपने रिकॉर्ड तोड़ने वाले करतबों से दुनिया का मनोरंजन और उन्हें आश्चर्यचकित किया है।

शायद ही ऐसा कोई धावक रहा हो जिसने इस जमैकन धावक की बराबरी भी की हो। हर गुजरते साल के साथ वो और आगे बढ़ते गए, उनका कद और ऊपर उठता गया। उन्होंने अपने नाम कई नए कीर्तिमान स्थापित किए और एथलेटिक्स की दुनिया के पोस्टर बॉय बन गए।

लेकिन उसैन बोल्ट के लिए भी कोरोना वायरस का प्रकोप किसी अन्य की तरह एक चुनौती बनकर सामने आया है। जहां एक तरफ दुनियाभर के लोगों पर कहीं भी आने जाने पर रोक लगा दी गई है, उसी मद्देनज़र इस महान धावक ने एथलीट समुदाय से सुरक्षित रहने, फिट रहने और बाहर न जाने का आग्रह किया है।

शुक्रवार को प्यूमा द्वारा आयोजित एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन में ओलंपिक रजत पदक विजेता कोलिन जैक्सन (Colin Jackson) से बात करते हुए उसैन बोल्ट ने कहा: “सेशन लंबा होने वाला है। इसलिए ज्यादा (बातें) कुछ भी न करें। अपना समय लें, फिट रहें।

"लेकिन मुझे लगता है, जब सीजन वापस शुरू होगा, तो एथलीट ठीक होंगे क्योंकि ये एक ओलंपिक वर्ष (2021) है। मुझे लगता है कि हर एथलीट किसी और इवेंट के मुकाबले ओलंपिक के लिए अधिक तैयारी करता है। इसलिए मुझे लगता है कि वो ठीक होंगे। लेकिन उन्हें सिर्फ खुद को फिट रखने की ज़रुरत है।

“आलसी मत बनो। बस फिट रहो।”

ट्रैक पर से मिला ब्रेक

दुनिया के महान धावक लगातार तीन साल से अपने ट्रैक से दूर हैं। इस दौरान उसैन बोल्ट ने बहुत सारी अलग-अलग चीजों पर अपना हाथ आज़माया है। एक समय वो हर बीट का आनंद ले रहे हैं।

उन्होंने कहा “ऐसा लग रहा है जैसे समय बस साथ चल रहा है। लेकिन रिटायरमेंट के बारे में... मैं शिकायत नहीं कर सकता।"

"मुझे वास्तव में इसमें मजा आता है, खासकर तब, जब मैं ट्रैक पर जाता हूं और मैं इन सभी एथलीटों को देखता हूं। मुझे अच्छा लगता है, 'हाँ', मैं बस एक घड़ी लेता हूँ और दौड़ने लगता हूं।''

इसका मतलब ये है कि उनको कोचिंग पसंद है?

 "सबसे मजेदार हिस्सा ... अभी मेरे लिए सबसे मजेदार हिस्सा वो है जब मैं ट्रैक और झरनेल ह्यूजेस के पास जाता हूं, वो कोच (ग्लेन) मिल्स के साथ ट्रेनिंग करते हैं और वो ग्रेट ब्रिटेन के लिए दौड़ते हैं। मेरा सबसे मजेदार हिस्सा सिर्फ उसके साथ है, समय समाप्त,चलो चलते हैं।

"कोई भी एथलीट ये नहीं सुनना चाहता है कि समय समाप्त हो गया है, चलो इसे जल्दी पूरा करते हैं, लाइन पर जल्दी पहुंचते हैं'। मेरे हिसाब से ये कहना खुशी की बात है। 'हाँ झारनेल, समय खत्म हो गया है' और वो कहते हैं 'नहीं, अभी एक मिनट बचा है'। मैं जाता हूं, 'नहीं, ये वो चीज नहीं जो मेरी घड़ी बता दे।' ये सबसे अच्छा समय है।”

गोल्ड से भरा है बोल्ट को करियर

जहां उसैन बोल्ट इस भूमिका का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं, उनका कहना है कि कई बार ऐसा भी हुआ जब उन्होंने भी हार मान ली थी। जो साल 2016 के सीज़न में उन्होंने आनंद लिया, उससे पहले कभी नहीं लिया है।

अपने पिछले ओलंपिक में शामिल होने के पहले उसैन बोल्ट एक प्रेरणा की तलाश में थे।

और जब उनको कुछ नहीं मिला, तो उसैन बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया के सबसे अच्छे एथलीटों में से एक, जॉन स्टीफेंसन की ओर रुख किया। संयोग से, स्टीफ़ेंसन ने 2014 में ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों के बाद ही संन्यास लिया था।

"वो सीजन (2016 में) मेरे लिए सबसे ज्यादा कोशिश करने वाला सीजन था। उसैन बोल्ट ने जैक्सन के साथ अपनी बातचीत के दौरान घटना को बयान करते हुए कहा, मैं खुद को प्रेरित करने की कोशिश कर रहा था।”

“ये थोड़ा मुश्किल है। मैं, मेरा एक दोस्त और जॉन स्टीफेंसन मैं बैठ गए और हमने इस बारे में दो घंटे बात की क्योंकि वह अभी रिटायर हुए थे। और मैं ऐसा था, 'जॉन आपने ये कैसे किया? आपने ये कैसे जारी रखा, वो भी तब, जब आप जानते हैं कि आप ऐसा नहीं करना चाहते।'

"और वो चले गए, 'ये बहुत मुश्किल था, लेकिन आपको अपने दिमाग को संतुलित रखने और खुद को फिर से प्रेरित करने के लिए कुछ हासिल करना होता है।"

उसैन बोल्ट के लिए प्रेरणादायक ये बात है कि टीएमवी पर एक वीडियो था जिसमें उनकी दासता थी, जस्टिन गैटलिन ने ये घोषणा किया कि वो ओलंपिक स्वर्ण जीतने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि, "टीएमवी के लोगों ने कुछ इस तरह से वीडियो बनाया था, 'क्या आप इस साल (रियो 2016) ओलंपिक जीतने जा रहे हैं?' और वो कहते हैं 'हाँ, मैं ओलंपिक जीतने जा रहा हूँ, और उसके बाद, मैं दुनिया के हर कोने में स्वर्ण पदक के साथ एक दौरे पर जाउंगा।' और इससे मुझे मदद मिली।”

“उस एक वीडियो ने मुझे प्रेरित किया। 'नहीं, जस्टिन से मैं हरा नहीं मानूंगा। मैंने इन आठ सालों में कड़ी मेहनत की है।' 'और मुझे ये एक पल ही मिला है, और मैं हार नहीं सकता हूं'।

“और मुझे इससे वास्तव में मदद मिली, जिससे मैं वो हासिल कर सका। (शुरूआती) लाइन पर जाने वाली टनल में जाते समय, मैं खुद से बात कर रहा था, और कहा 'क्या ये वही समय है।"

रियो खेलों में जस्टिन गैटलिन भी उसैन बोल्ट की उड़ान को नहीं रोक सके और 100 मीटर की रेस  में उन्होंने अपना तीसरा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। बोल्ट का करियर गोल्ड से भरा कैरियर है जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करना जारी रखेगा।

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