टोक्यो 2020 ओलंपिक में वापसी के लिए बेक़रार हैं विजेन्दर सिंह

2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेन्दर सिंह देश के लिए 2020 टोक्यो ओलंपिक में जीतना चाहते हैं पदक, लेकिन वापसी अपनी शर्तों पर करेंगे

ओलंपिक वापसी को लेकर चल रही अटकलों के बीच भारत के दिग्गज मुक्केबाज़ विजेन्दर सिंह ने साफ़ कर दिया कि वह 2020 टोक्यो ओलंपिक में वापसी के लिए बेक़रार हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वह ऐसा अपनी शर्तों के साथ ही करेंगे।

‘’बिल्कुल मैं ओलंपिक में भाग लेना चाहता हूं, मैं अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करूंगा कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में खेल पाऊं, लेकिन कई तरह की शर्तें भी हैं।‘’ भारतीय मुक्केबाज़ ने ये बातें दिल्ली में एक इवेंट के दौरान कहीं

उन्होंने आगे कहा ‘’आपको इसके लिए कम से कम दो या ढाई महीने राष्ट्रीय कैंप में रहना होता है, इसके अलावा भी और बहुत सारी औपचारिकताएं होती हैं। मैंने पहले ये सब किया है, लेकिन अब मैं सारी चीज़ें पूरी नहीं कर सकता। मैं सीधी बात में विश्वास रखता हूं, मुझे घुमा फिराकर कहने की आदत नहीं है।“

सीधी बात

विजेन्दर ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था, पहली बार किसी मुक्केबाज़ ने ओलंपिक पदक भारत के लिए जीता था। लेकिन 2015 में विजेन्दर प्रो बॉक्सिंग में चले गए, ये 2016 रियो ओलंपिक से बस कुछ ही महीने पहले की बात है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ यानी एआईबीए ने तब अपने नियमों में थोड़ी ढील देते हुए प्रोफ़ेशनल मुक्केबाज़ों को भी रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने की इजाज़त दी थी। लेकिन इसपर मुहर लगने में देर होने की वजह से तब सिर्फ़ तीन ही प्रो मुक्केबाज़ों ने 2016 ओलंपिक में हिस्सा लिया था।

अब जब उस तरह की कोई बात इस बार नहीं है, ऐसे में भारतीय मुक्केबाज़ विजेन्दर सिंह ने ओलंपिक में वापसी की अपनी चाहत भारतीय मुक्केबाज़ी संघ यानी बीएफ़आई के सामने भी रखी है। बीएफ़आई की चयन प्रक्रिया के मद्देनज़र विजेन्दर ट्रायल देने के लिए भी तैयार हैं।

इस बाबत उन्होंने कहा ‘’मुझे बताएं, मैं कब और किसके ख़िलाफ़ ट्रायल देने के लिए आऊं, मैं इसके लिए तैयार हूं। अगर उसके बाद मेरा चयन हुआ तो बहुत शानदार बात है, वरना मैं वापस चला जाउंगा। मैं ओलंपिक में भारतीय ध्वज का मान बढ़ाना चाहता हूं, और मैं इसके लिए कोशिश भी करूंगा।“

34 वर्षीय इस भारतीय मुक्केबाज़ के लिए प्रोफ़ेशनल बॉक्सिंग करियर भी अब तक लाजवाब रहा है, विजेन्दर के पक्ष में अब तक 12-0 का रिकॉर्ड है। पिछले महीने ही उन्होंने घाना के पूर्व कॉमनवेल्थ चैंपियन चार्ल्स अडामू को शिकस्त दी थी।

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