एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2020 में विनेश फोगाट ने भारत के लिए जीता कांस्य पदक 

पहले दौर में दो बार की विश्व चैंपियन मयू मुकैदा से हारने के बाद भारतीय महिला पहलवान ने वापसी करते हुए कांस्य पदक अपनी झोली में डाला। 

2020 ओलंपिक में भारत के लिए पदक की उम्मीद विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने नई दिल्ली में चल रहे एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2020 (Asian Wrestling Championship 2020) में कांस्य पदक जीतकर अपने सीज़न की शुरुआत की।

भारतीय पहलवान के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही, जब वो एक बार फिर मयू मुकैदा से पार पाने में नाकाम रहीं, और 53 किलोग्राम भार वर्ग के शुरुआती दौर में दो बार की विश्व चैंपियन से हार का सामना करना पड़ा।

लेकिन विनेश फोगाट ने इस निराशा को भूलकर भारतीय फैंस को खुश होने का मौका दिया जब उन्होंने वियतनाम की थी लाई लियू के ख़िलाफ़ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 10-0 से जीत दर्ज की।

इस मुक़ाबले में भारतीय पहलवान ने आक्रामक कुश्ती का नज़ारा पेश किया, और अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया।

भारत की विनेश फोगाट ने अपने आक्रामक का सर्वश्रेष्ठ नज़ारा पेश किया और अपने प्रतिद्वंद्वी को ज्यादातर मौकों पर परेशान किया। फोटो: यूडब्ल्यूडब्ल्यू
भारत की विनेश फोगाट ने अपने आक्रामक का सर्वश्रेष्ठ नज़ारा पेश किया और अपने प्रतिद्वंद्वी को ज्यादातर मौकों पर परेशान किया। फोटो: यूडब्ल्यूडब्ल्यूभारत की विनेश फोगाट ने अपने आक्रामक का सर्वश्रेष्ठ नज़ारा पेश किया और अपने प्रतिद्वंद्वी को ज्यादातर मौकों पर परेशान किया। फोटो: यूडब्ल्यूडब्ल्यू

मैट का पूरा उपयोग करते हुए विनेश फोगाट ने अपने वियतनामी प्रतिद्वंद्वी के साथ लंबी लड़ाई लड़ी और टेकडाउन से पहले काफी परेशान किया।

मुक़ाबले में 6-0 की बढ़त जल्द ही 8-0 हो गई, जब विनेश फोगाट ने एक और टेकडाउन में लियू के डिफेंस को तोड़ दिया। बाद में भारतीय पहलवान ने हमले से बचने के लिए सारी तरकीब अपनाई और बदले में अपने प्रतिद्वंद्वी की हर चाल को बेनकाब कर दिया।

साक्षी को सिल्वर से करना पड़ा संतोष

इसके बाद 2016 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक (Sakshi Malik) 65 किलोग्राम भार वर्ग में अपना गोल्ड मेडल मुक़ाबला हार गईं। आपको बता दें कि ये नॉन-ओलंपिक कैटेगिरी है, 65 किलोग्राम भार वर्ग ओलंपिक के इवेंट में शामिल नहीं है।

जापान की भविष्य की स्टार खिलाड़ियों में से एक नाओमी रुइके (Naomi Ruike) के खिलाफ भारतीय महिला पहलवान ने एक आसान टेकडाउन गवां दिया, उन्होने अपने डिफेंस को मज़बूत करने की कोशिश की। साक्षी ने रुइके के आक्रमण से बचने के लिए अपने अनुभव का इस्तेमाल किया।

ज्यादा रक्षात्मक खेल से साक्षी को हुआ नुकसान फोटो:यूडब्ल्यूडब्ल्यू
ज्यादा रक्षात्मक खेल से साक्षी को हुआ नुकसान फोटो:यूडब्ल्यूडब्ल्यूज्यादा रक्षात्मक खेल से साक्षी को हुआ नुकसान फोटो:यूडब्ल्यूडब्ल्यू

हालांकि जब भी भारतीय पहलवान के पैरों को जकड़ने के लिए रुइके ने कोशिश की, साक्षी ने चालाकी से उससे छुटकारा पाया।

लेकिन ज्यादातर डिफेंसिव रवैया साक्षी मलिक के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुए और वो इस मुक़ाबले में 2-0 से हार गईं।

गुरशरण प्रीत और अंशु ने जीता कांस्य

शुक्रवार को गुरशरण प्रीत कौर (Gursharan Preet Kaur) और अंशु (Anshu) ने भी अपने-अपने वर्ग में दो केजे बाउट के बाद कांस्य पदक जीते।

सात साल के अंतराल के बाद मैट पर लौटते हुए, राष्ट्रीय चैंपियन गुरशरण प्रीत कौर ने अपने उम्र का बाउट पर फर्क नहीं पड़ने दिया, 35 वर्षीय इस पहलवान ने 72 किग्रा वर्ग में मंगोलिया के सेवेग्मेद एंखबायर (Tsevegmed Enkhbayar) को 5-2 से मात दी।

अंशु को भी एक करीबी मुक़ाबले के माध्यम से अपना रास्ता तलाशना पड़ा, जहां उन्होंने 57 किग्रा भार वर्ग में उज्बेकिस्तान की सेवारा एशमूरतोवा को संघर्षपूर्ण मुक़ाबले में 4-1 से हरा दिया।

पदक राउंड में भारत की सोनम मलिक (Sonam Maik) से एकमात्र निराशा मिली। जिन्हें किर्गिस्तान की आइसुलु टायनिबेकोवा (Aisuluu Tynybekova) ने अपने ऊपर हावि नहीं होने दिया। इस विश्व ने भारतीय पहलवान के खिलाफ 11-0 से आसानी से जीत दर्ज की।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!