टोक्यो 2020 में पदक की बड़ी उम्मीद विनेश फ़ोगाट करेंगी हंगरी और पोलैंड में ट्रेनिंग

विनेश फ़ोगाट के साथ 40 दिवसीय इस दौर पर उनके पर्सनल कोच वॉलर आकोस भी रहेंगे साथ।

लेखक सैयद हुसैन ·

शुक्रवार को भारतीय खेल मंत्रालय ने महिला पहलवान और टोक्यो 2020 में जगह बना चुकी विनेश फ़ोगाट (Vinesh Phogat) के 40 दिवसीय यूरोपियन दौरे (हंगरी और पोलैंड) को हरी झंडी दे दी।

भारत सरकार ने ये मंज़ूरी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) प्रोगराम के तहत दी है, फ़ोगाट TOPS एथलीटों की फ़ेहरिस्त में शीर्ष में से एक हैं।

इस यूरोपियन दौरे की योजना विनेश फ़ोगाट के व्यक्तिगत कोच वॉलर आकोस (Woller Akos) ने बनाई थी, और अब इसे मंज़ूरी मिलने के बाद विनेश हंगरी के बुदापेस्ट के वसास स्पोर्ट्स क्लब में अभ्यास करेंगी।

हंगरी में ये अभ्यास 28 दिसंबर 2020 से 24 जनवरी 2021 के बीच होगा और इसके बाद फ़ोगाट का अगला दौरा 24 जनवरी से 5 फ़रवरी 2021 के बीच पोलैंड के ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर में होगा।

विनेश फ़ोगाट को इससे काफ़ी फ़ायदा मिलने की उम्मीद है जहां वह अपने भारवर्ग की कुछ शानदार रेसलर्स के साथ ज़ोर आज़माइश करती भी नज़र आएंगी। इस कैंप के बारे में विनेश फ़ोगाट ने कहा, “एक पहलवान के नाते मुझे ये जानना ज़रूरी है कि मैं किस स्तर पर हूं। इससे मुझे कई बेहतरीन रेसलर के साथ खेलने का मौक़ा मिलेगा ताकि मैं किस स्तर पर हूं वह समझ सकूं।“

कोच वॉलर आकोस के अलावा इस दौरे पर विनेश के साथ उनकी साथी प्रियंका फ़ोगाट (Priyanka Phogat) और उनकी फ़िज़ियोथेरपिस्ट पूर्णिमा रमन नगोमदिर (Poornima Raman Ngomdir) भी मौजूद रहेंगी।

इस यूरोपियन दौरे का अनुमानित ख़र्च लगभग 15.51 लाख रुपया होगा (21000 अमेरिकी डॉलर) जिसमें विमान यात्रा, स्थानीय यात्रा, रहने, खाने और पॉकेट भत्ता शामिल है। ये पूरा ख़र्चा भारत सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

विनेश फ़ोगाट के कोच वॉलर आकोस भी मानते हैं कि इस दौरे से विनेश को तकनीकी और रनणनीतिक दोनों ही तौर पर बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। विनेश फ़ोगाट ने अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया है, जहां वह महिलाओं के 53 किग्रा भारवर्ग में भारत की बड़ी उम्मीद होंगी। उन्हें टोक्यो का टिकट 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद हासिल हुआ था।

विनेश फ़ोगाट दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं, उन्होंने आख़िरी बार फ़रवरी में हुए एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में शिरकत की थी, जहां उन्हें कांस्य पदक प्राप्त हुआ था। नई दिल्ली में आयोजित इस चैंपियनशिप के बाद कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की वजह से क़रीब-क़रीब पूरी दुनिया को लॉकडाउन से गुज़रना पड़ा था और हर तरह की खेल प्रतियोगिताएं भी रद्द हो गईं थीं।