भारत का स्पोर्ट्स वीक: अंजुम मोदगिल ने किया दान, बजरंग पूनिया बने कवि!

लॉकडाउन के इस समय में एथलीट इस सप्ताह पेंट ब्रश के साथ पेंटिंग करते और कविता लिखते हुए नज़र आए।

इस समय पूरी दुनिया और भारत COVID-19 महामारी और इसके प्रभावों से जूझ रहा है, ऐसे में भारतीय निशानेबाज़ अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) ने लोगों की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। इस बार राइफल उठाकर प्रदर्शन करने की बजाए 26 वर्षीय अंजुम ने स्केच करने के लिए अपने हाथों में पेंटिंग ब्रश उठाया है।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता एक बेहतरीन कलाकार भी हैं। हाल ही में उन्होंने COVID-19 से प्रभावित खेल समुदाय के लोगों के लिए 'खेलो इंडिया' पहल के माध्यम से धन जुटाने के लिए सोशल मीडिया पर नीलामी के लिए अपनी आठ पेंटिंग्स लगाईं।

उन्होंने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कहा, “मैं अपनी पेंटिंग्स का उपयोग ज़रूरतमंदों की मदद के लिए कर रही हूं।”

"लॉकडाउन के दौरान मैंने लोगों से कहा कि वे कस्टमाइज़्ड डायरी भी ऑर्डर कर सकते हैं, और मैंने उससे ही फंड इकठ्ठा करके कैंसर रोगियों के लिए एक एनजीओ को दान कर दिया। इसलिए लॉकडाउन के दौरान मैंने जो भी पेंटिंग बनाई हैं, मैं अब उन्हें इस पहल के लिए बेच रही हूं।"

“यह मेरे दिमाग को सुकून भी देता है। यह ध्यान लगाने के जैसा है, क्योंकि जब मैं पेंटिंग कर रही होती हूं तो मैं वास्तव में नहीं जानती कि मेरे आसपास क्या हो रहा है। मैं इसमें पूरी तरह से मग्न हो जाती हूं। मैं खुश हूं और इसलिए शांत हूं। यह सबकुछ बंद कर देता है।”

25 मीटर से अधिक दूरी में बेहतर होने के लिए रेंज पर वापस लौटीं मनु भाकर

भारतीय निशानेबाज़ों के साथ ही पिस्टल शीर्ष मनु भाकर (Manu Bhaker) भी अंजुम मोदगिल के साथ टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए भारत के शूटिंग दल का हिस्सा हैं। वह खुद को शार्प और सटीक रखने के लिए शूटिंग रेंज पर वापस लौट आई हैं।

भाकर, जो हरियाणा के गोरिया में अपने गांव के घर में रह रही थीं, उन्हें लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के फरीदाबाद में स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग करने के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। आपको बता दें, रेंज को इस महीने की शुरुआत में शीर्ष भारतीय निशानेबाजों के लिए खोल दिया गया था।

अपने गांव के घर में भाकर के पास पहले से ही एक 10 मीटर पिस्टल शूटिंग रेंज है, जो कि एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य प्रणाली के तहत काम करती है। लेकिन 25 मीटर पिस्टल शूटिंग का अभ्यास करने के लिए उनके पास कोई इंतज़ाम नहीं था।

भाकर टोक्यो में 10 मीटर और 25 मीटर पिस्टल दोनों ही स्पर्धाओं में टीम बनाने का लक्ष्य रख रही हैं।

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उन्होंने कहा, "हां, 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल के लिए मुझे दिल्ली की तुगलकाबाद शूटिंग रेंज (डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज) आना है। क्योंकि हरियाणा में इसके लिए एक भी रेंज उपलब्ध नहीं है। लॉकडाउन के बाद से मैंने .22 एलआर का एक भी शॉट नहीं मारा है।”

उन्हें यह भी उम्मीद है कि उनके गृह राज्य हरियाणा में जल्द ही अपनी अत्याधुनिक शूटिंग रेंज बन सकती है, जिससे कि वह अपने घर को ही बेस बनाकर अभ्यास कर सकेंगी।

सावधानी के साथ रेसलिंग करने के लिए मैट पर उतरे पहलवान

इस बीच लॉकडाउन के बाद नई दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में फिर से परिचालन शुरू होने के बाद भारतीय पहलवान अपने एक्शन में वापस लौट आए हैं।

हालांकि, सरकारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए अब किसी के संपर्क में आए बिना प्रशिक्षण करने को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में पहलवानों को अकेले ही ट्रेनिंग करनी पड़ रही है।

अनुभवी पहलवान सुशील कुमार इस ट्रेनिंग के प्रारंभिक समूह का हिस्सा बने हैं, जिन्होंने छत्रसाल स्टेडियम में अपना अभ्यास शुरू कर दिया है।

उन्होंने एएनआई को बताया, “केंद्र और दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण शुरू हो गया है। मैं कुछ दिनों तक अकेले ही ट्रेनिंग करूंगा।”

सोशल मीडिया पर भारत की ओलंपिक से जुड़ी ख़बरें

चिराग शेट्टी ने रंगों से किया कमाल: इस सप्ताह रंग किसी थीम के जैसे रहे, क्योंकि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी एक अद्भुत पेंटिंग साझा की। शायद उन्हें भविष्य में अंजुम मोदगिल के साथ एक संयुक्त प्रदर्शनी लगाते हुए देखा जाएगा?

दीपा कर्माकर ने की लॉकडाउन ख़त्म होने की प्रार्थना: लॉकडाउन कई लोगों के लिए अब काफी मुश्किल हो गया है। सुबह उठने के बाद लोगों के दिमाग में सबसे पहले यही आता होगा ‘हे भगवान, यह सब कब खत्म होगा?’

लगता है कि भारतीय जिम्नास्ट दीपा कर्माकर भी किसी हद तक उसी भीड़ का हिस्सा बन चुकी हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रार्थना को लिखकर पोस्ट किया है।

टोक्यो के लिए तैयारी कर रहे बजरंग पूनिया के भीतर का कवि जागा: पहलवान बजरंग पूनिया आगामी टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए पूरी तरह से तैयार है और हाल ही में उनके अंदर का कवि देखा गया। उन्होंने अगले साल होने वाले इवेंट के लिए कुछ खास लिखा।

“मैं उड़ना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं!

मैं गिरना भी चाहता हूं...

लेकिन मैं अभी रुकना नहीं चाहता हूं।”

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