इस सप्ताह के भारत के मुख्य खेल समाचार: फुटबॉलर्स की नई पहल, निशानेबाज़ एक बार फिर निशाना लगाने के लिए तैयार

भारतीय फुटबॉलरों ने पेड़ लगाने का अभियान चलाया, जबकि निशानेबाजों ने अपने ट्रेनिंग सेशन को फिर से शुरू किया। इस सप्ताह के मुख्य समाचारों पर एक नज़र डालिए।

मणिपुर के भारतीय फुटबॉल स्टार्स ने एक अच्छी पहल की है, जब उन्होंने राज्य की राजधानी इंफाल से 50 किलोमीटर दूर एक छोटे से गाँव में पेड़ लगाने वाले एक अभियान में हिस्सा लेने का फैसला किया।

इस ग्रुप में युवा और अनुभवी दोनों खिलाड़ी शामिल थे। उदांता सिंह (Udanta Singh) अंडर -17 के खिलाड़ी सुरेश वांगजाम (Suresh Wangjam), निन्थोइंगानबा मीतेई (Ninthoinganba Meetei), बोरिस थंगजाम (Boris Thangjam), जैकसन सिंह (Jeakson Singh) और पूर्व स्टार रेनेडी सिंह (Renedy Singh) भी शामिल थे।

उदांता सिंह ने ऑल इंडिया फुटबॉल महासंघ (AIFF) को बताया, “ये बहुत अच्छी बात है कि हम सभी इस काम के लिए एक साथ आए। मुझे उम्मीद है कि अधिक लोग आगे आएंगे और अगली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश करेंगे।”

रेनेडी सिंह के लिए ये एक यादगार पल था, जहां उन्होंने पेड़ लगाए वो टेंथा गाँव था, जहाँ वो बचपन में फुटबॉल खेलने जाया करते थे।

41 वर्षीय रेनेडी ने कहा, "पिच उस कोने के चारों ओर है जहां से हम पौधे लगा रहे थे और ऐसा करके पूरानी यादें ताज़ा हो गईं।"

ये गतिविधि भारतीय फुटबॉलरों के स्वास्थ्य के लिए थी। फोटो: AIFF
ये गतिविधि भारतीय फुटबॉलरों के स्वास्थ्य के लिए थी। फोटो: AIFFये गतिविधि भारतीय फुटबॉलरों के स्वास्थ्य के लिए थी। फोटो: AIFF

बैडमिंटन की दुनिया में भारतीय अंपायर की एंट्री

तेलंगाना राज्य (राजधानी हैदराबाद) भारतीय बैडमिंटन का केंद्र है और उसने पुलेला गोपीचंद*,* साइना नेहवाल और पीवी सिंधु जैसे चैंपियन पैदा किए हैं। उसने एक और सदस्य को अंतरराष्ट्रीय बैंडमिंडन में शामिल किया है।

बैडमिंटन अंपायर राजेंद्र कोमु (Rajendar Kommu) अब बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) के एक आधिकारिक लाइन जज हैं, जिसका अर्थ है कि वो अब 2024 तक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।

शुरुआत में एक खिलाड़ी के रूप में शुरुआत करने वाले 47 वर्षीय राजेंद्र ने अंपायरिंग पर बात करते हुए स्पोर्टस्टार को बताया, "यह सब 2008 में शुरू हुआ जब मैंने पहली बार राज्य चैंपियनशिप में भाग लिया और फिर 2010 में नेशनल ग्रेड-II अंपायर के रूप में और फिर 2013 में ग्रेड I अंपायर के रूप में शिरकत की।"

कोमू राकेश रसानिया (Rakesh Rasania ) के बाद इस वर्ष ये सम्मान पाने वाले दूसरे भारतीय हैं और तेलंगाना से पहले हैं।

और वो वहीं तक रुकना नहीं चाहते हैं। राजेंद्र कोमू ने कहा, "मैं BWF परीक्षाओं के आगे BWW चेयर अंपायर की तैयारी कर रहा हूं।"

भारतीय ओलंपिक के सोशल की जानकारी

ट्रेनिंग सेशन शुरू

खेल से महीनों तक की दूरी निश्चित रूप से स्टार भारतीय निशानेबाज़ और आईएसएसएफ विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता मनु भाकर के लिए आसान नहीं रहा होगा।

18 वर्षीय भाकर का नाम दिल्ली में राष्ट्रीय शिविर के लिए 32-सदस्यीय कोर ग्रुप में रखा गया है और ये कहना गलत नहीं होगा कि उन्हें रेंज में वापस आकर राहत मिली होगी।

‘पहलवान ले रहे हैं प्रेरणा’

मोटिवेशनल कोट्स ने इस सप्ताह भारतीय पहलवानों को काफी प्रोत्साहित किया है।

अगले साल टोक्यो में अपने चौथे ओलंपिक की तैयारी करने वाले और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार (Sushil Kumar) ने प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक क्लाइव स्टेपल्स लुईस से प्रेरणा ली।

कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता पवन कुमार (Pawan Kumar) को एक साथी के साथ अभ्यास करने की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने प्रेरक शब्दों को सुनकर खुद के हौसले को बुलंद कर लिया।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "हम जो चाहते हैं, वह नहीं मिल सकता है लेकिन कोशिश भी नहीं करना, ये तो गलत है।"

वापसी की तैयारी

स्प्रिंट क्वीन हिमा दास (Hima Das) पूरी तरह से फिट हैं और पीठ की चोट से उबरने के बाद, वापस ट्रैक पर आने के लिए उत्साहित हैं, लेकिन 2018 एशियाई खेलों के रजत और स्वर्ण पदक विजेता ने ट्रैक पर एक नए जुनून को देखा है।

ओलंपिक चैनल पर सप्ताह की सबसे अच्छी कहानियां

पिछले सप्ताह में हमने पढ़ा कि भारत 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में दो ऐतिहासिक ओलंपिक पदक जीतता है।

आप देश के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता केडी जाधव की कहानी यहां पढ़ सकते हैं।

भारतीय हॉकी टीम की ओलंपिक में एक शानदार विरासत है और उन्होंने अपने पांचवें लगातार स्वर्ण पदक के लिए बेहतरीन हॉकी खेली। यहां पढ़िए कि उन्होंने ये सब कैसे किया।

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