भारतीय स्पोर्ट्स वीक: पहलवानों ने डमी के साथ किया अभ्यास, वहीं विजेंदर सिंह रिंग में उतरने को बेताब

भारतीय पहलवान डमी के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं और शूटिंग की ऑनलाइन स्पर्धा आपका दिल जीतने आ रही है। इस हफ्ते की कहानियां पढ़ें।

दो बार के ओलंपियन सुशील कुमार (Sushil Kumar ) और युवा रवि दहिया (Ravi Dahiya) को अभी तक यह नहीं पता है कि वह मैट पर मुकाबले के लिए कब उतरेंगे। हालांकि इस चिंता से दूर दोनों ही पहलवान नई दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में ट्रेनिंग कर रहे हैं।

इस अभ्यास में उनका साथ कुछ अलग लोग निभा रहे हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए रवि दहिया ने बताया कि “हम इस समय डमी के साथ अभ्यास कर रहे हैं। हमारी ट्रेनिंग अत्यंत है और कुछ हफ़्तों के बाद हम खेल के लिए तैयार हो जाएंगे।”

गौरतलब है कि रवि को सुशील कुमार मेंटर कर रहे हैं और वह उन्हें अपने अनुभव से नई तकनीकें सिखाने में व्यस्त हैं। साथ ही वह उनके ट्रेनिंग सेंटर में स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट जिम बनाया गया है और वह उसे लेकर ख़ासा उत्साहित हैं।ऑनलाइन शूटिंग की स्पर्धा

लॉकडाउन के समय में शूटिंग को ऑनलाइन भी आज़माया गया था और जब सभी खिलाड़ी इसके बारे में जान चुके हैं तो पहली बार शूटिंग की ऑनलाइन स्पर्धा होने जा रही है। आपको बता दें कि यह प्रतियोगिता इसी हफ्ते के अंत में खेली जाएगी।

लीग में 6 टीमें हिस्सा लेंगी और वह हैं इंडियन टाइगर्स, ऑस्ट्रेलियन रॉक्स, इटेलियन स्टाइल, फ्रेंच फ्रोग्स, स्पेनिश कानोस और इज़रायल माताबोट। यह प्रतियोगिता राउंड रॉबिन स्टाइल में खेली जाएगी।

शिमोन शरीफ (Shimon Sharif), जो कि इस तरीके की स्पर्धा को सभी के सामने लाए थे, उन्होंने एक अनोखा स्कोरिंग सिस्टम भी निकाला है और वह है ‘रेस टू टेन’।

शरीफ ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए कहा “शूटर शूट करेंगे और उनके अंक पूरी टीम को मिलेंगे और तीन शॉट्स के टोटल को गिना जाएगा। जो भी टीम पहले 10 अंक बटोर लेगी वह जीत जाएगी।”

भारत के लिए ख़ास यह है कि तीनों शूटर पैरालम्पियन का हिस्सा रह चुके हैं और उनके नाम हैं, कृष्ण कुमार (Krishan Kumar) ज्योति संनाकी (Jyoti Sannakki) (दोनों ने नेशनल स्तर पर सिल्वर मेडल जीता है) और इशंक आहूजा (Ishank Ahuja)।

विजेंदर सिंह की रिंग में उतरने की तैयारी

बीजिंग 2008 के ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता विजेंदर सिंह (Vijender Singh) लॉकडाउन में कोई इवेंट न होने की वजह से दमखम नहीं दिखा सके लेकिन अब यह प्रो बॉक्सर रिंग में उतरने के लिए बेकरार हैं।

गौरतलब है कि यूएसए में बॉक्सिंग इवेंट शुरू हो गए हैं तो अब उम्मीद है की इस भारतीय बॉक्सर के इंतज़ार के दिन खत्म होने को आए हैं।

पीटीआई से बातचीत के दौरान विजेंदर सिंह ने कहा “अब अगले दो तीन महीनों में मैं फिटनेस हासिल करूंगा और उसके बाद बाउट कर पाऊंगा। ज़्यादा मौके बाहर जाकर खेलने के हैं।”

भारत से ओलंपिक सोशल

प्रेरणा स्त्रोत

भारतीय स्प्रिंटर दुती चंद (Dutee Chand), जिन्होंने अपने ‘गे’ होने की घोषणा की थी और साथ ही समलैगिक रिश्तों से पर्दा उठाया था, अब उन्होंने कॉमेडी का रस घोला है।

चित्रकार रेहा डीस और परमार्थ राय ने साहसी दुती चंद के उपर चित्र बनाकर सबका मनोरंजन किया।

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What's a pride list without Dutee Chand? Now a household name, Chand hailed from a BPL (Below Poverty Line) family of weavers in the tiny and relatively nondescript village of Gopalpur, Odisha. She didn't start running recreationally, but rather as a means to an end -- to secure a sports quota that would grant her a decent education. But her exceptional skills on the track set her apart, earning her the moniker of 'fastest woman in India'. She took home medals for the country in the 100m and 200m sprint in events like the Asian Athletics Championships, Summer University Games in Naples, and the National Senior Athletics Championships in Ranchi. She held her head up high even as her family and village, adoring and welcoming as they were about her accomplishments on field, voiced their disapproval about her choice of partner off it. @eyolouss and I are in awe of her spirit and sportsmanship, in how she gave back to her family and village despite their reactions to her coming out, and how she continues to empower young athletes from disadvantaged backgrounds, as well as closeted lgbt youth to be able to speak their truth. #pride2020🏳️‍🌈 #pridemonth #comic #duteechand #lgbt #queer

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ख़बर टेनिस कोर्ट से...

जुलाई का महीना विंबलडन के लिए जाना जाता है लेकिन इस बार ऐसा कुछ दर्शकों को देखने को नहीं मिलेगा। भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) और रिटायर हो चुके महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने अपने-अपने विचारों को निर्धारित किया।

बॉक्सिंग का रिंग

भारतीय बॉक्सर विकास कृष्ण (Vikas Krishan ) जो कि अपनी ऊर्जा के लिए जाने जाते हैं उन्होंने भी प्रो बॉक्सिंग से अपनी वापसी कर ली है। अब उनकी नज़र टोक्यो 2020 में मेडल जीतने पर हैं।

उनकी ताज़ा पोस्ट को देखें तो तो यह पता चलता है कि आत्मविश्वास जैसी चीज़ पर वह बहुत भरोसा करते हैं

ओलंपिक चैनल से सर्वश्रेष्ठ खबरें

हमेशा की तरह ओलंपिक चैनल आपके लिए भारतीय खिलाड़ियों की कुछ कहानियां लाया है, जिसे पढ़कर आपका मनोरंजन निश्चित है। मिल्खा सिंह (Milkha Singh) के बेटे होने के नाते जीव मिल्खा सिंह (Jeev Milkha Singh) के लिए खेल जगत में अपनी पहचान बनाना मुश्किल था लेकिन वह उसमें चूके नहीं। उन्होंने कैसे यह नाम हासिल किया, वह आप यहां पढ़ें।

कराटे अगले साल जापान में अपना ओलंपिक डेब्यू करने जा रहा है। आप कैसे बन सकते हैं एक कराटेकार? यहां है एक्सपर्ट की सलाह।

ओलंपिक चैनल ने ख़ास वीडियो पर काम किया है जिसका नाम ‘टेकिंग रेफ्यूजी’ है। उसमें आप देख सकते हैं कि कैसे तीन बार के ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता (Niccolo Campriani) ने तीन रेफ्युजियों को शूटिंग सिखाई है और उन्हें ओलंपिक का सपना दिखाने में अपना योगदान दिया है।

आप सभी एपिसोड यहां देख सकते हैं।

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