साप्ताहिक खेल समाचार में पढ़ेंगे धोनी का शूटिंग की ओर रुझान और गुरप्रीत संधु का कार्टून से इश्क

खेल के किसी और पिच पर खेलते हुए नज़र आ सकते हैं धोनी, जबकि गोलकीपर गुरप्रीत संधू को फिर से आर्ट से लगाव हो गया है। सप्ताह की बड़ी खबरों पर एक नज़र।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भले ही भारतीय फुटबॉल टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू (Gurpreet Singh Sandhu) मैदान पर कलाबाजी दिखाने के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन कौन जानता था कि वो पेंटब्रस के साथ भी निपुण थे!

संधू को बचपन से ही स्केचिंग कार्टूनों का शौक था और उन्होंने फुटबॉल से ब्रेक के दौरान फिर से उसी जिंदगी को जीने की कोशिश की है।

गुरप्रीत ने कहा, “जब मैं बच्चा था तो मेरी माँ ने अलग-अलग कार्टून चीत्रों वाली, अलग-अलग पेंसिल बॉक्स खरीदे। मैं वास्तव में पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं था, इसलिए मैं सिर्फ उन कार्टून की स्केच बनाता था।"

गुरप्रीत सिंह कार्टून के बड़े फैन है, जिसे उनके पोप के स्केच में देखा जा सकता है। फोटो: AIFF

गुरप्रीत अब अपनी कुछ आर्टवर्क बेचकर चैरिटी के लिए पैसे जुटाने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मेरी योजना है कि मैं ऐसी प्रदर्शनी लगाऊं, जहां लोग मेरे स्केच खरीद सकें, भले ही वो जितनी भी रकम दें, वो सब पैसा चैरिटी में जाएगा। आइए लोगों की मदद करने की कोशिश करें जिन्हें इसकी आवश्यकता है।"

एमएस धोनी कर सकते हैं शूटिंग

एमएस धोनी (MS Dhoni) ने पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी, लेकिन पूर्व भारतीय निशानेबाज़ शिमोन शरीफ (Shimon Sharif) की मानी जाए, तो उन्होंने कुछ साहसिक प्रयास करने के लिए ऐसा फैसला किया।

2010 में, शरीफ ने धोनी को एक वॉल्टर LG300XT कार्बोंटेक, स्पोर्ट-शूटिंग राइफल खरीदने में मदद की थी, जिससे अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने ओलंपिक में शूटिंग कर के गोल्ड मेडल जीता था। शरीफ को लगता है कि धोनी खुद इसकी कोशिश कर सकतें हैं। एमएस धोनी निश्चित रूप से टारगेट के बारे में एक या दो चीजे जानते हैं।

“शूटिंग के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर वो जल्द ही इस खेल को पेशेवर के रूप से अपना लेते हैं।

धोनी लंबे समय से बंदूकों के फैन रहे हैं और उनकी भारतीय राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन (NRAI) की जीवन भर की सदस्यता उन्हें बंदूकों के उपयोग के लिए योग्य बनाती है।

लंबे समय तक टीम और धोनी के साथ खेलने वाले खिलाड़ी सुरेश रैना (Suresh Raina) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से की घोषणा की। उन्होंने कहा कि, धोनी एक सटीक गनर हैं और इसलिए उन्हें शूटिंग रेंज में देखकर आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

पूजा ढांडा चाहती हैं पर्सनल कोच

भारतीय पहलवान पूजा ढांडा (Pooja Dhanda) अगले महीने राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण फिर से शुरू करेंगी। उन्होंने अपने निजी कोच के लिए शिविर में आने की अनुमति मांगी है।

" पूजा ढांडा ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया," उनकी उपस्थिति से मुझे बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी क्योंकि वो विरोधी टीम के कोच के विपरीत महत्वपूर्ण योजनाएँ बना सकते हैं, जो दूसरे पहलवानों को भी सिखा सकते हैं।"

2018 विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता अगले साल टोक्यो में ओलंपिक की शुरुआत कर रही हैं। वो 57 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं।

भारत के सोशल मीडिया ओलंपिक पर एक नज़र

रोहन बोपन्ना फिर एक्शन में आएंगे नज़र

भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) मार्च में डेविस कप के बाद पहली बार कोर्ट पर दिखाई देंगे जब वो इस सप्ताह के अंत में न्यूयॉर्क में सिनसिनाटी मास्टर्स की के कोर्ट पर उतरेंगे।

रोहन बोपन्ना दो बार के ओलंपियन कनाडाई नौजवान डेनिस शापोवालोव (Denis Shapovalov) के साथ टीम बनाएंगे और वो कोर्ट में उतरने के लिए उत्साहित हैं।

मैरी कॉम के जीवन का मंत्र

जब मुश्किल बढ़ जाती हैं, तब लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता एमसी मैरीकॉम (MC Mary Kom) आक्रमण करना पसंद करती हैं और सब सही होने लगता है।

ओलंपिक चैनल पर सप्ताह की सर्वश्रेष्ठ कहानियां

ये जश्न मनाने का एक और सप्ताह था, जहां भारत ने ओलंपिक इतिहास के कुछ सबसे खास पलों को फिर से याद किया।

भारतीय पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने रियो ओलंपिक 2016 के अपने ओलंपिक पदक के पल को ओलंपिक चैनल के साथ फिर से साझा किया और उस दिन को फिर से याद किया

साक्षी मलिक: ओलंपिक जीत की यादों को कर रहीं ताज़ा

रियो 2016 में साक्षी मलिक अपनी लाजवाब वापसी के साथ किए गए बेहतरीन प्रदर्शन ...

हॉकी के जादूगर ध्यान चंद (Dhya Chand) ने कप्तान के रूप में बर्लिन 1936 में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का किर्तिमान बनाया था और भारतीय हॉकी टीम की क्षमताओं के बारे में संदेह होने के बावजूद ऐसा किया। इसके बारे में यहां पढ़ें

इस सप्ताह को दो ओलंपिक रजत पदक के रूप में चिह्नित किया गया। जहां राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) ने एथेंस 2004 में भारतीय शूटिंग को पहला चांदी दिलाया, तो वहीं दूसरी ओर पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने रियो 2016 में नई बाधाओं को तोड़ते हुए सिल्वर मेडल पर कब्जा किया