टोक्यो 2020 के लिए ऐसे क्वालिफाई कर सकेंगे भारतीय स्प्रिंटर्स

टोक्यो 2020 में क्या होगी भारतीय खिलाड़ियों की क्वालिफाई करने की रणनीति 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों में क्वालिफाई करने के लिए खिलाडियों की माथा-पच्ची शुरू हो चुकी है। ओलंपिक खेलों में तरह-तरह के खेल खेले जाते हैं, और दुनिया भर के एथलीट इसमें हिस्सा लेते हैं। स्प्रिंट–एक एसा इवेंट है जिस पर भारत की पैनी नज़र होगी और इस खेल में हर खिलाड़ी मैदान मारने की करेगा कोशिश। 

दुती चंद और हिमा दास जैसी अव्वल दर्जे की स्प्रिंटर्स भी अपनी तैयारी शुरू कर चुकीं हैं। इन दोनों ही खिलाड़ियों की ताकत उनकी तकनीक है और इसी की बदौलत यह दोनों खुद को आगे बढ़ा रहीं हैं। इन दोनों से ही भारतीय खेल प्रेमियों को ख़ासी उम्मीद है, लेकिन इन्हें अभी टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाईकरना होगा।

2020 ओलंपिक गेम्स के लिए हिमा से बढ़ी उम्मीदें  

क्वालिफाई करने के दो तरीके

लंपिक गेम्स 2020 क्वालिफाई करने के लिए आईएएएफ यानी दी इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ़ एथलेटिक्स फेडरेशन ने दो अलग तरीके रखे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वह तरीके : 

• एक एथलीट अपनी आई.ए.ए.एफ की रैंकिंग से भी क्वालिफाईकर सकता है और शामिल हो सकता है ओलंपिक खेलों में जहां एक से बढ़कर एक दिग्गज भाग लेते हैं। 

• दूसरा तरीका है कि एक एथलीट आई.ए.ए.एफ मान्यता रेसों में एक मानक स्थान हासिल करके भी क्वालिफाईकर सकता है।

इसके अलावा भी एक और मान्य तरीका है, जिसके द्वारा किसी भी राष्ट्र का स्प्रिंटर ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाईकर सकता हैं। अगर ऊपर लिखे तरीकों से किसी भी देश का एक भी स्प्रिंटर क्वालिफाईनहीं कर पाया तब भी वह राष्ट्र अपनी क्वालिफिकेशन प्रक्रिया जीवित रख हिस्सा ले सकता है। दरअसल, यूनिवेर्सेलिटी कोटा के ज़रिए एक देश से एक पुरुष और एक महिला स्प्रिंटर क्वालिफाईकर सकता है और ओलंपिक में अपना जौहर दिखा सकता है।क्वालिफाईकरने का अंतराल 1 मई 2019 से 29 जून 2020 तक रखा गया है। इस दौरान वह सभी खिलाड़ी प्रदर्शन करते नज़र आएंगे जो कि ऊपर लिखे दूसरे भाग में हैं।

टाइमिंग पर नज़र

एंट्री स्टैण्डर्ड यानी ओलंपिक में प्रवेश करने का एक ज़रिया यह भी है कि, आई.ए.ए.एफ मान्यता रेसों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसका मकसद यह है कि, कोई भी काबिल एथलीट ओलंपिक गेम्स में भाग लेने से वंचित न रह जाए और उनकी मेहनत के साथ न्याय हो सके।

भारतीय उम्मीदें 

फिलहाल स्प्रिंटिंग एक ऐसा इवेंट है जिसमे भारत ने एक भी ओलंपिक मेडल नहीं जीता है और टोक्यो 2020 में शिरकत करने वाले भातीय स्प्रिंटर्स की यही कोशिश होगी कि वह मेडल के इस सूखे को दूर करें। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जो अपने कड़े प्रदर्शन की बदौलत जीत के बेहद करीब आए और इस वजह से यह इवेंट पूरे देश में लोकप्रिय हुआ। अब लगता है कि स्प्रिंटिंग में भारत का ओलंपिक मेडल का सूखा बदल सकता है। आज के युवा स्प्रिंटर्स दुती चंद, हिमा दास, मोहम्मद अनास जैसे खिलाड़ियों से भारत को कई उम्मीदें हैं, और पूरा देश इन्हें शुभकामनाएं दे रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 से मोहम्मद अनस 

हिमा दास, असम की स्प्रिंटर हैं, जो कि टोक्यो 2020 में भारत की एक बड़ी उम्मीद मानी जा रही हैं। अभी तक के रिकॉर्ड की बात की जाए तो400 मीटर रेस को 50.79 सेकंड में पूरा कर हिमा ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। इसी तरह अगर उनका प्रदर्शन जारी रहा तो ओलंपिक 2020 का उनका टिकट पक्का है। फिलहाल यह स्प्रिंटर आई.ए.ए.एफ रैंकिंग में 78वें पायदान पर है, और यह एक बड़ी वजह है कि वह उन 48 खिलाड़ियों में शामिल हो सकती है, जो कि जापान ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेंगे। भारतीय खेमा इनके इस प्रदर्शन से बेहद खुश है और उम्मीद है कि इस बार भारत और मेडल दोनों को एक साथ देखा जाएगा।

हिमा के अलावा मोहम्मद अनस भारत की एक बड़ी उम्मीद हैं। फिलहाल, मोहम्मद अनस रैंकिंग में 33वें पायदान पर मौजूद हैं, और इस वजह से टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने की उनकी संभावना बढ़ जाती है। इन दो बड़े नामों के अलावा और भी कई नाम हैं, जो टोक्यो 2020 में भारत का प्रतिनिधित्व करते नज़र आ सकते हैं। इनमें दुती चंद, जिन्सन जॉनसन और अमिया कुमार मलिक जैसे बेहद बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं जो अगले साल जापान ओलंपिक में क्वालिफाईकर सकते हैं। फिलहाल हम यह कह सकते हैं कि भारत के स्प्रिंटर्स टोक्यो 2020 के लिए काफी पसीना भा रहे हैं और ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि इस बार भारतीय खिलाड़ी इस खेल खेल में मज़बूत दावेदारी पेश करंगे।