एड्रियाटिक पर्ल यूथ बॉक्सिंग टूर्नामेंट: पांच स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा भारत 

पांच स्वर्ण पदकों के साथ भारतीय महिला मुक्केबाजों का टूर्नामेंट में रहा दबदबा 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारत के युवा मुक्केबाजी दल ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सोमवार को मोंटेनेग्रो के बुडवा में आयोजित 30वें एड्रियाटिक पर्ल टूर्नामेंट (30th Adriatic Pearl Tournament) में पांच स्वर्ण पदक और जीते। इसके साथ ही भारत ने 12 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहते हुए प्रतियोगिता का समापन किया। टूर्नामेंट की पदक तालिका में सबसे ज्यादा पदक हासिल करते हुए उज्बेकिस्तान पहले पायदान पर रहा।

प्रतियोगिता के अंतिम दिन बेबीरोजिसाना चानू (Babyrojisana Chanu) (51 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (Arundhati Choudhary) (69 किग्रा) ने भारत के खाते में दो स्वर्ण पदक और जोड़े। जबकि लकी राणा (Lucky Rana) को ने 64 किग्रा भारवर्ग में रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा। भारत ने युवाओं के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पांच स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक हासिल किये हैं।

इंफाल की दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाली चानू ने उज्बेकिस्तान की मुक्केबाज सबीना बोबोकुलोवा (Sabina Bobokulova) को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। जबकि, अरुंधति ने फाइनल मुकाबले में यूक्रेन की मरियाना स्टिको (Maryana Stoiko) को मात देकर जीत दर्ज की। वहीं, लकी को फाइनल में फिनलैंड की लिया पुक्किला (Lia Pukkila) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

विंका (60 किग्रा), टी सनमाचा चानू (75 किग्रा), अल्फिया पठान (+81 किग्रा) अन्य भारतीय महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। जबकि, गीतिका (48 किग्रा) और राज साहिबा (75 किग्रा) को रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा। नेहा (54 किग्रा) और प्रीति (57 किग्रा) ने महिलाओं की टीम के लिए कांस्य पदक हासिल किए। जबकि पुरुषों की स्पर्धाओं में प्रियांशु (49 किग्रा) और जुगनू (+91 किग्रा) ने कांस्य पदक अपने नाम किये।

टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने 10 पदक के साथ महिला वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया।

विंका (Vinka) को उनके भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करने के लिए टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ महिला मुक्केबाज चुना गया।

भारतीय मुक्केबाजों 19 सदस्यीय दल द्वारा हासिल किए 12 पदक इस ओर इशारा करते हैं कि बॉक्सिंग में भारत का भविष्य बहुत अच्छा होगा।