कोरोना वायरस की वजह से 2020 वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ को किया गया रद्द

लेडीज़ यूरोपियन टूर के अंतर्गत आने वाला वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ को पहले मार्च में खेला जाना था और उसके बाद इस संस्करण को अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

कोरोना वायरस (COVID-19) का कहर बढ़ता ही जा रहा है और खेल जगत भी इससे अछूता नहीं रहा है। दुनिया भर में खेलों को या तो रद्द कर दिया गया है या फिर उन्हें स्थगित करना पड़ा है। गोल्फ कोर्स से खबर आ रही है कि हीरो वुमेंस इंडिया ओपन गोल्फ (Hero Women’s Indian Open golf) को वुमेंस गोल्फ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (Women’s Golf Association of India WGAI) द्वारा रद्द कर दिया गया है।

WGAI की प्रेसिडेंट कविता सिंह (Kavita Singh) ने ऑफीशियल स्टेटमेंट में कहा “यह बहुत मुश्किल निर्णय था लेकिन महामारी के इस दौर में यह सही निर्णय भी था।”

“अभी जब तक भविष्य में सब ठीक नहीं हो जाता तब तक खिलाड़ी, स्टाफ और दर्शकों का स्वास्थ ही सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। हम उम्मीद करते हैं कि हम अगले साल एक अद्भुत संस्करण के साथ वापसी करेंगे।”

लेडीज़ यूरोपियन टूर (Ladies European Tour LET) और एशियन गोल्फ टूर का हिस्सा वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ को 19-22 मार्च के बीच आयोजित किया जाना था लेकिन इसे 6 महीनों के लिए स्थगित कर दिया गया था और इसे अक्टूबर के महीने में दोबारा आयोजित किया जाना था।
लेकिन अब देश में कोरोरना वायरस की बिगड़ती हालत की वजह से इस प्रतियोगिता को रद्द कर दिया गया है।

वुमेंस ओपन के कुछ सुनहरे पल

वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ को पहली बार साल 2007 में आयोजित किया गया था और 3 साल बाद इसे LET ने भी इसे मंज़ूरी दे दी थी। यह प्रतियोगिता हर साल डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री (DLF Golf and Country Club G&CC) के गैरी प्लेयर कोर्स में खेला जाता है और इस बार का संस्करण 14वां संस्करण था।

ग़ौरतलब है कि DLF गोल्फ एंड कंट्री में चल रही मरम्मत की वजह से इसे 2013-2014 के लिए दिल्ली गोल्फ कोर्स में आयोजित किया गया था। रियो 2016 की ओलंपियन अदिति अशोक (Aditi Ashok) ने 2016 में इस प्रतियोगिता को जीता था और ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय गोल्फर भी बन गईं। यह जीत अशोक के लिए ख़ास इसलिए भी थी क्योंकि प्रो में जाने के बाद यह उनकी LET में पहली जीत थी।

थाई गोल्फर पोर्नानॉन्ग फटलम (Pornanong Phatlum) ने वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ के सबसे ज़्यादा संस्करणों को अपने नाम किया है। आपको बता दें कि पोर्नानॉन्ग फटलम  ने 2008, 2009 और 2012 में यह खिताब अपने नाम किया था और और साल 2011 में वह रनर अप रहीं थीं।

इसका आखिरी संस्करण रहा था ऑस्ट्रेलियन क्रिस्टीन वुल्फ (Christine Wolf) के नाम और इस जीत ने उन्हें पहली बार वुमेंस इंडियन ओपन गोल्फ का चैंपियन बनाया था। फाइनल मुकाबले में क्रिस्टीन वुल्फ ने नॉर्वे की मैरिने स्कार्पनोर्ड (Marianne Skarpnord) को मात देते हुए यह ताज अपने सिर पर रखा था।

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