वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री: निषाद कुमार ने ऊंची कूद में जीता स्वर्ण पदक, प्रवीण कुमार ने बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड 

प्रणव देसाई ने 200 मीटर में स्वर्ण और 100 मीटर में जीता रजत पदक

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने दुबई में आयोजित 12वीं फाजा चैंपियनशिप वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2021 की ऊंची कूद (T46) स्पर्धा में 2.06 मीटर की दूरी तय कर स्वर्ण पदक जीता।

प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें विश्व नंबर 2 रैंकिंग हासिल करने में मदद की है। वह बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के केन्द्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

नवंबर, 2019 में उन्होंने इसी स्थान पर वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमाते हुए टोक्यो पैरालंपिक्स के लिए कोटा हासिल किया था।

हाई जम्पर प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) ने भी 2.05 मीटर (T42/44/64) की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता और एक नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया।

17 वर्षीय पहले ही टोक्यो खेलों के लिए कोटा हासिल कर चुके हैं। हालांकि कुमार 2019 जूनियर विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मामूली अंतर से कांस्य पदक जीतने से चूक गए थे। चौथे स्थान हासिल करना पैरालंपिक क्वालीफिकेशन के लिए पर्याप्त था। वहीं इसी श्रेणी में शरद कुमार (Sharad Kumar) ने भी दुबई में रजत पदक जीता है।

धावक प्रणव देसाई (Pranav Desai) (T-64) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 200 मीटर और 100 मीटर में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीता।

उन्होंने 200 मीटर की दौड़ 24.96 सेकंड और 100 मीटर की दौड़ 11.76 सेकंड में पूरी की। इन दोनों स्पर्धाओं में ये उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। वह ठाणे के दादोजी कोंडदेव स्टेडियम में नीलेश पाटकर के अधीन प्रशिक्षण ले रहे हैं

पाटकर ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "पिछले साल मार्च से सितंबर तक प्रणव ने अभ्यास नहीं किया। उसने जो सफलता हासिल की है वो सितंबर के बाद किए प्रशिक्षण से मिली है।" 

उन्होंने कहा, "जब प्रणव मेरे पास आया, तो मुझे नहीं पता था कि वह क्या करने में सक्षम है। लेकिन उसने दोनों स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन किया और दोनों के फाइनल में पहुंचा।" 

पाटकर ने उन्हें जन सहयोग के माध्यम से धन जुटाने में मदद की, ताकि प्रणव दुबई जा सके और क्लासीफिकेशन प्राप्त कर सकें। उनमें 73 फीसदी विकलांगता है। अपने विकलांग क्लासीफिकेशन से स्प्रिंट में पदक जीतने वाले वो पहले भारतीय हैं। दो साल पहले पैरा-एशियाड में भाग लेने के बाद यह उनकी दूसरी अंतर्राष्ट्रीय मीट है। वह अभी तक टोक्यो पैरालंपिक्स के लिए जगह पक्की नहीं कर पाये हैं।