युवा भारतीय निशानेबाज असाधारण प्रतिभा और प्रतिबद्धता के धनी- मार्टिन स्ट्रेम्पफ्ल

दिसंबर 2020 में इंटरनेशनल ऑनलाइन शूटिंग चैंपियनशिप की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में यशवर्धन ने स्ट्रेम्पफ्ल को 1.2 अंक के अंतर से हराया 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोक्यो ओलंपिक कोटा विजेता और आस्ट्रिया के सशस्त्र बलों के सदस्य मार्टिन स्ट्रेम्फ्ल (Martin Strempfl) चार साल के अंतराल में होने वाले शोपीस इवेंट में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस मार्की इवेंट से पहले 36 वर्षीय को कुछ युवा भारतीय निशानेबाजों से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन वो उनकी प्रतिबद्धता से काफी प्रभावित हुए। इतना कि वह इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि युवा भारतीय निशानेबाज विश्व मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ेंगे।

स्ट्रेम्फ्ल ने ओलंपिक चैनल को बताया, "एक भारतीय वेबसाइट के जरिये निश्चित प्रतियोगिता शैली में ऑनलाइन प्रतियोगिता (मई में) में भाग लेना मेरे लिए एक शानदार मौका था। इससे अभ्यास के लिए मुझे ज्यादा प्रेरित किया। भारत में शानदार प्रतिभाएं और पेशेवर प्रतिबद्धता को देखना तो और भी प्रभावशाली है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में हम इन युवा निशानेबाजों के बारे में बहुत चर्चाएं सुनेंगे।"

दिसंबर 2020 में इंटरनेशनल ऑनलाइन शूटिंग चैंपियनशिप (IOSC) के छठे संस्करण में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में जूनियर एशियाई चैंपियन यशवर्धन (Yash Vardhan) के प्रदर्शन ने स्ट्रेम्पफ्ल को स्तब्ध कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने 251.9 के स्कोर के साथ स्ट्रेम्पफ्ल को 1.2 अंकों के अंतर से हराया और अपना पहला IOSC खिताब जीता।

निशानेबाजी का अभ्यास करते यश वर्धन

इस खेल को अपनाये हुए उन्हें दो दशक से ज्यादा का वक्त हो चुका है। उन्होंने 1998 में इस खेल में अपनी यात्रा शुरू की। उनके माता-पिता का मानना था कि इस खेल के माध्यम से उनका मानसिक ध्यान बेहतर हो सकता है। अब वो टोक्यो ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। 

उन्होंने कहा, "1998 में जब से मैंने शूटिंग शुरू की है, तब से ऑस्ट्रियन राइफल फेडरेशन (ÖSB)में विकास जारी रखा और अधिक पेशेवर बन गया। इसमें ऑस्ट्रियाई सशस्त्र बलों का मुझे भरपूर सहयोग मिला, जो मेरे लिए बहुत अच्छा साबित हुआ।"  

उन्होंने आगे कहा, "मेरे माता-पिता ने मुझे इस उम्मीद के साथ इस खेल में भेजा था कि इससे मेरी एकाग्रता और ध्यान में सुधार होगा। मैं 1998 से ÖSB से जुड़ा हुआ हूं। इस समय अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग में खेल का स्तर अब बहुत ऊपर है। अगर मुझे ऑस्ट्रियाई ओलंपिक समिति (ÖOC) से टोक्यो भेजा जाता है, तो वहां एक अच्छी शूटिंग प्रतियोगिता करना मेरा लक्ष्य है और फिर अंत में एक स्थान पाने की संभावना बन सकती है।” 

उन्होंने SCATT प्रशिक्षण शुरू किया, जिसमें एक उन्नत ऑप्टिकल सेंसर का उपयोग किया जाता है और यह बंदूक में लगा होता है। साथ ही एक विशेष सॉफ्टवेयर से जुड़ा होता है। इससे निशानेबाजों को संपूर्ण लक्ष्य साधने की प्रक्रिया की तत्काल और विस्तृत विज़ुअलाइज़ड फीडबैक देख सकते हैं। इस प्रक्रिया से तैयार हुआ डेटा निशानेबाजों को लक्ष्य साधने में हुई कमियों को दूर करने में मदद करता है। 

उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैंने केवल SCATT पर अभ्यास किया। सशस्त्र बलों में रहते हुए मुझे प्रशिक्षण के लिए सप्ताह में 40 घंटे मिलते हैं। इसका उपयोग मैं शूटिंग, सहनशक्ति, धड़ प्रतिमा और मानसिक अभ्यास के लिए करता हूं।"